चंडीगढ़। चंडीगढ़ में अब पीजीआई के नए ओ.पी.डी. में कार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। पीजीआई प्रबंधन एक नई योजना के तहत संपर्क सेंटर के जरिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मरीजों को सुविधा प्रदान करना और भीड़ को नियंत्रित करना है।
डिप्टी डायरेक्टर पंकज राय के अनुसार, पीजीआई ने हाल ही में एचआईएस (हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन सिस्टम) वर्जन 2 अपग्रेड कर लिया है, जिससे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। यह सुविधा उन मरीजों के लिए फायदेमंद होगी जो दूरदराज़ इलाकों से आते हैं और कार्ड बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगने से बचना चाहते हैं। संपर्क सेंटर से कार्ड बनने की सुविधा उन लोगों के लिए अधिक उपयोगी होगी जो तकनीकी जानकारी में कमजोर हैं। यह पहल पीजीआई में भीड़ को कम करने के साथ-साथ मरीजों के समय की भी बचत करेगी।
जीएमएसएच सेक्टर-16 में भी सुविधा
साल 2023 में सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच अस्पताल में भी संपर्क सेंटर से कार्ड बनाने की सुविधा शुरू की गई थी। हालांकि, हेल्थ डायरेक्टर डॉ. सुमन सिंह के मुताबिक यह सुविधा अस्पताल में उतनी प्रभावी नहीं हो पाई। कारण यह है कि संपर्क सेंटर में कार्ड बनवाने के लिए 10 रुपए का शुल्क लिया जाता है, जबकि अस्पताल में यह सेवा नि:शुल्क है।
आई सेंटर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बढ़ा
नेत्र विभाग (आई सेंटर) में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा हाल ही में बढ़ाई गई है। पहले जहां रोजाना 150 मरीजों का स्लॉट होता था, उसे अब 200 कर दिया गया है। रिस्पॉन्स अच्छा मिलने पर इसे और बढ़ाया जा सकता है। आई सेंटर में रोजाना करीब 1500 मरीज आते हैं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है।
टेक्नोलॉजी से होगी कतारों में कमी
पीजीआई प्रबंधन के अनुसार, रोजाना 10 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं और कार्ड बनवाने के लिए सुबह 8 से 11 बजे तक ही काउंटर खुलता है। कतारों से बचने के लिए प्रबंधन टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग करने की योजना बना रहा है, जिससे मरीजों को अधिक सुविधा हो सकेगी।
There-Will-Be-No-Queue-In-Chandigarh-Pgi-Card-Will-Be-Made-From-The-Contact-Center-Crowd-Will-Be-Controlled-Under-The-New-Scheme-Information-System-Upgraded