जालंधर। जालंधर में नए नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर आईएएस अधिकारी अंकुरजीत सिंह होंगे। आज यानी बुधवार को वह जालंधर नगर निगम पहुंच कर चार्ज संभालेंगे। बता दें कि अंकुरजीत सिंह मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर से संबंध रखते हैं। बीते दिनों मंत्री मंडल में बदलाव के बाद राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया था। जिसमें जालंधर नगर निगम का चार्ज अंकुरजीत सिंह को दिया गया था। आज वह जालंधर पहुंचकर अपना कार्य शुरू करेंगे। हरियाणा के मध्यम वर्ग के परिवार से संबंध रखने वाले अंकुरजीत सिंह देख नहीं सकते। अंकुर शुरू से ही नेत्रहीन नहीं थे, बल्कि स्कूल में दाखिले के बाद उन्हें आंखों से कम दिखाई देने लगा। उन्हें इस बारे में तब पता चला, जब उन्हें क्लास में बैठकर ब्लैकबोर्ड कम नजर आया। तब उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे वह खोने लगे थे। जिसके बाद उन्हें एक दम से दिखना बंद हो गया था। मगर उन्होंने हार नहीं मानी और भगवान द्वारा दी गई परिस्थिति से लड़े, जिसका नतीजा ये रहा कि वह आईएएस अधिकारी बने और अपने परिवार वह जिले का नाम रोशन किया।
शिक्षक ने मोटिवेट किया तो दी जेईई की परीक्षा
अंकुरजीत सिंह हरियाणा के यमुनानगर के गांव रसूलपुर से संबंध रखते हैं। वहीं पर उन्होंने सरकारी स्कूल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। 11वीं और 12वीं अंकुरजीत ने डिस्ट्री हैडक्वार्टर्स में स्थित स्कूल से की। रोजाना स्कूल जाने के लिए अंकुरजीत करीब 40 किलोमीटर का सफर तय करते थे। एक इंटरव्यू में अंकुरजीत ने कहा था कि उन्हें आईएएस, आईपीएस जैसे बड़ी परीक्षाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी
इंरटव्यू के दौरान अंकुर ने कहा- मेरी 12वीं की परीक्षा के दौरान कुछ लोग हमारे स्कूल आए और उन्होंने भारत की इन परीक्षाओं के बारे में बताया। मेरी एक अध्यापक ने मुझे आईआईटी में दाखिले के लिए मोटिवेट किया, जिसके बाद मैंने उन्हें मना कर दिया कि मैं ये परीक्षा नहीं दे सका। मगर उनकी कोशिश के बाद मैं मान गया कि मैं जेईई तैयारी करूंगा। मैंने परीक्षा दी और मेरी आईआईटी में सलेक्शन हो गया। परीक्षा क्रैक करने के बाद मुझे लगा कि मैं कुछ भी कर सकता हूं।
अंकुर की मां हरियाणा सरकार में कार्यरत थीं
बता दें कि मंत्री की मां सरकार के कार्यरत थीं। सरकारी नौकरी के दौरान अंकुरजीत की मां के विभाग में कुछ उच्च अधिकारी आए थे, जोकि आईएएस अधिकारी थे। उनके द्वारा बच्चों को पढ़ाई और यूपीएससी के लिए मोटिवेट किया जा रहा था। इस दौरान मुझे वहां स बहुत प्रेरना मिली। जिसके बाद अंकुरजीत ने अपने चार दोस्तों के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। सभी ने एक साथ सलाह बनाकर एक दूसरे के साथ मिल तैयारी शुरू कर दी। सभी एक साथ इंजिनरिंग के साथ साथ तैयारी कर रहे थे। अंकुरजीत के दोस्तों ने हमेशा उसका साथ दिया।
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