चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से इंटरव्यू के मामले की आज (सोमवार) सुनवाई की। लॉरेंस के इंटरव्यू को लेकर हाईकोर्ट काफी सख्त है। कोर्ट ने कहा कि पंजाब के डीजीपी हलफनामा देकर बताएं कि उन्होंने पहले किस आधार पर कहा था कि लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब में नहीं हुआ। कोर्ट ने मामले को लेकर कई टिप्पणियां की हैं। साथ ही कोर्ट ने पूछा कि लॉरेंस को बार-बार पंजाब क्यों लाया जा रहा है। इससे साफ है कि इंटरव्यू पुलिस की मिलीभगत से हुआ। कोर्ट में दिए अपने जवाब में पुलिस ने कहा है कि इस मामले में अब तक डीएसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। कोर्ट ने पूछा कि एसएसपी के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। वहीं कोर्ट ने मामले की जांच कर रही एसआईटी से कहा कि आपने बताया है कि लॉरेंस का इंटरव्यू कहां हुआ। लेकिन इंटरव्यू का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कोर्ट आपको एक और मौका देता है। वहीं कोर्ट ने फिर से स्पेशल डीजीपी प्रबोध कुमार के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। एडीजीपी नीलाभ किशोर और एडीजीपी नागेश्वर राव इसके सदस्य होंगे। यह जांच आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के एंगल पर होगी। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर तय की गई है। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने इस मामले में मोहाली कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आया था कि इस मामले में उन्हें सूचित किए बिना ही कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है।
इन अधिकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की
पंजाब पुलिस की तरफ से पहले इंटरव्यू के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई हैं। इसमें DSP से लेकर हेड कॉन्स्टेबल रैंक तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। इसमें DSP गुरशेर सिंह (अमृतसर स्थित 9 बटालियन), DSP समर वनीत, सब इंस्पेक्टर रीना (CIA खरड़ में तैनात), सब इंस्पेक्टर जगतपाल जंगू (AGTF में तैनात), सब इंस्पेक्टर शगनजीत सिंह (AGTF), ASI मुखत्यार सिंह और हेड कॉन्स्टेबल ओम प्रकाश शामिल हैं। जबकि दूसरे इंटरव्यू की जांच राजस्थान पुलिस कर रही है। गैंगस्टर के 2 इंटरव्यू वायरल हुए थे। SIT की रिपोर्ट के मुताबिक पहला इंटरव्यू 3 और 4 सितंबर 2023 को हुआ है। लॉरेंस उस समय पंजाब में CIA खरड़ में रखा गया था। दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जयपुर स्थित सेंट्रल जेल में हुआ है।
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