लुधियाना। लुधियाना के गांव हसनपुर में आवारा कुत्तों द्वारा दो मासूम बच्चों की जान लेने की घटना के बाद भी प्रशासन की लापरवाही जारी है। हरसुखप्रीत सिंह की मौत के बाद हाईवे पर धरना दे रहे लोगों को एडीसी कुलप्रीत सिंह ने आश्वासन दिया था कि वह स्वयं मृतक बच्चे के घर आकर ग्रामीणों से मांग पत्र लेंगे। एडीसी ने पहले सुबह 11:30 बजे का समय दिया, फिर 1:30 बजे और बाद में 4 बजे का समय निर्धारित किया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। नाराज किसान संगठनों का कहना है कि जिन अधिकारियों के पास मांग पत्र लेने का समय नहीं है, वे आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान कैसे करेंगे। हड्डारोड़ी के आवारा कुत्तों के झुंड ने अब तक 15 से अधिक लोगों को घायल किया है।
राजनेताओं से भी लगा चुके गुहार
भारतीय किसान यूनियन एकता के राज्य उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह ललतों और जिला उपाध्यक्ष जगरूप सिंह हसनपुर ने कहा कि सरकार को इन कुत्तों के आक्रामक व्यवहार की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित करनी चाहिए थी। स्थानीय निवासियों ने जिला उपायुक्त लुधियाना, पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
अब किसान संगठनों ने मामले को हाईकोर्ट में ले जाने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं ने कहा कि मंगलवार को हसनपुर और आसपास गांव की पंचायत को साथ लेकर डीसी जतिंदर जोरवाल से मुलाकात करके समस्या के पक्के समाधान की मांग करेंगे।
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