ई न्यूज पंजाब, लुधियाना
जाली कंपनियां बनाकर जीएसटी रिफंड के जरिए सरकार को चूना लगाने के रोज नए नए मामले सामने आते दिखाई दे रहे हैं। जीएसटी डिपार्टमेंट ने जाली कंपनियां खड़ी कर फर्जी जीएसटी चालान जारी करने और धोखाधड़ी से रिफंड लेने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। बताया जाता है कि अब तक जांच में 180 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है और घोटाले का ये आंकड़ा ओर भी बढ़ सकता है। सीजीएसटी लुधियाना की कर चोरी निरोधक शाखा ने 8 जुलाई को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जिससे हुई पूछताछ के बाद अब इस मामले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला है कि पकड़ा गया आरोपी व्यक्ति दो फर्जी फर्मों का संचालन कर रहा था और फर्जी चालान जारी कर गलत रिफंड दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा था। इस घोटाले से सरकार को भारी नुकसान हुआ है। मामले में जांच अभी जारी है और इसमें कईं ऐसी कंपनियां भी लपेटे में आ सकती हैं, जो इन कंपनियों के फर्जी बिलों के जरिए अपने रिकार्ड को मेनटेन कर रही थी।
1786 करोड़ रुपए के फर्जी जीएसटी चालान किए जारी
अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी कई फर्जी फर्मों का संचालन कर रहा था। 1786 करोड़ रुपए के फर्जी जीएसटी चालान जारी किए। इसके जरिए लगभग 1.5 करोड़ रुपए का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास किया गया। बिना किसी वस्तु या सेवा की वास्तविक आपूर्ति के 180 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इन फर्जी आईटीसी का इस्तेमाल जीएसटी रिफंड लेने के लिए किया गया। इस नेटवर्क की एक फर्म ने गैर-मौजूद आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त आईटीसी के आधार पर 8.74 करोड़ रुपए का फर्जी जीएसटी रिफंड लिया था। इस मामले में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सीजीएसटी लुधियाना आयुक्त कार्यालय ने कहा है कि विभाग धोखाधड़ी का पता लगाने और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों और संस्थाओं की पहचान की जा रही है।
Gst-Theft-Of-Rs-180-Crore-Through-Fake-Companies-Exposed-Two-Arrested