हिमाचल प्रदेश। पहाड़ों पर मानसून की बारिश आफत लेकर आई है। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। किन्नौर जिले में सालाना होने वाली किन्नर कैलाश यात्रा पर गए दो श्रद्धालुओं की बाढ़ में बहने से मौत हो गई। अचानक आई बाढ़ से यात्रा रूट पर दो पुल भी बह गए। बाकी का रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है। कई श्रद्धालु फंसे हुए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीम ने जिपलाइन की मदद से 413 तीर्थयात्रियों को बचाया है। मंगलवार रात में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी लैंडस्लाइड हुई। सड़कों पर बड़ी-बड़ी चट्टान गिरने से राज्य में 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। उत्तराखंड में बुधवार को भी भारी बारिश जारी है। पौड़ी जिले में बादल फटा है। यहां के बुरांसी गांव में मलबा गिरने से दो महिलाएं दब गईं। इनमें से एक महिला का शव बरामद हो चुका है, जबकि दूसरी की तलाश जारी है। वहीं, बाकुंडा गांव में भी बादल फटा, जहां 5 नेपाली मजदूरों के बहने की सूचना है। इससे पहले धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग लापता हैं। कर्णप्रयाग में पहाड़ ढहने से बद्रीनाथ नेशनल हाईवे बंद हो गया। हरिद्वार-देहरादून रेल पर चट्टान गिरने से रेलों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
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