लुधियाना। सतलुज नदी के तेज बहाव से ससराली बांध कमजोर हो गया है, लेकिन टीमें बचाव में जुटी है। प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। सेना, NDRF और स्थानीय लोग मिलकर चौबीसों घंटे बांध को मजबूत करने में जुटे हैं। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर बांध की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। DC ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अगर सतलुज का पानी और बढ़ा तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुंच सकता है। वहीं साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भरने की आशंका है, जिससे 50 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर भी खतरे के निशान 1680 फीट के करीब पहुंच गया है। फिलहाल जलस्तर 1678.74 फीट है। डैम के चारों गेट 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इस समय बांध में पानी की आमद 76,318 क्यूसेक और निकासी 80,792 क्यूसेक की जा रही है।
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