डेस्क, लुधियाना। लुधियाना में प्रमुख सोफत परिवार के पांच सदस्यों पर थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी डॉक्टर हैं। आरोप है कि 9 महीने पहले आरोपियों ने आवासीय और व्यवसायिक परिसरों में आयकर तलाशी कार्यों में कथित रूप से बाधा डाली। आरोपियों में संगत रोड, कॉलेज रोड के डॉ. जगदीश राय सोफत, डॉ. रमा सोफत, डॉ. अमित सोफत, डॉ. रुचिका सोफत, डॉ. हीरा सिंह रोड, सिविल लाइंस के डॉ. सुमित सोफत शामिल हैं। इनकम टैक्स के उप निदेशक की शिकायत पर FIR रियल एस्टेट कारोबार में कथित चोरी के चलते इनकम टैक्स में दी थी दबिश एफआईआर आयकर (जांच) के उप निदेशक अनुराग ढींडसा की शिकायत के बाद दर्ज की गई है। अधिकारियों को 18 दिसंबर, 2024 को प्रिंसिपल डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स के आदेश के तहत की गई तलाशी के दौरान धमकियों और असहयोग का सामना करने की सूचना दी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने बार-बार अधिकारियों को झूठे कानूनी मामलों जिसमें यौन उत्पीड़न की भी धमकी दी। कथित तौर पर कर्मचारियों को महत्वपूर्ण रिकॉर्ड के खुलासे को रोकने के लिए डराने की कोशिश की गई। डाक्टरों पर बंद कमरों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, ईआरपी सॉफ्टवेयर तक पहुंच करने से इनकार किया गया और तलाशी अभियान के वैध निष्पादन के दौरान जानबूझकर बाधाएं पैदा करने का भी आरोप लगाया गया था। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने कर्मचारियों के बयानों में हस्तक्षेप किया है। जब डॉ. रुचिका सोफत से उनके केबिन से जुड़े एक कमरे की चाबियां मांगी गईं, जहां बिना हिसाब-किताब वाले महंगे आईवीएफ इंजेक्शन रखे गए थे, तो कथित तौर पर वह भड़क गईं और अधिकारियों पर अपमानजनक भाषा का उपयोग करने का आरोप लगाया, जबकि एक महिला कॉन्स्टेबल और एक नर्स सहित कई गवाह मौजूद थे। एफआईआर के अनुसार, डॉ. अमित और डॉ. रुचिका सोफत ने तलाशी के दौरान आक्रामक रवैया दिखाया, जबकि डॉ. सुमित सोफत ने कथित तौर पर वैध वारंट की उपस्थिति के बावजूद, चैकिंग अभियान को रोकने के लिए अदालती मामले दर्ज करने की धमकी दी। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 218 (लोक सेवक द्वारा संपत्ति के वैध कब्जे का विरोध), 221 (लोक सेवक को उनके आधिकारिक कार्यों के निर्वहन में स्वेच्छा से बाधा डालना), 222 (लोक सेवक की सहायता करने में चूक जब कानूनी रूप से ऐसा करने के लिए बाध्य हो), 224 (लोक सेवक को कार्य करने या उनके आधिकारिक कर्तव्य में देरी करने के लिए प्रेरित करने के लिए चोट की धमकी), 351 (आपराधिक धमकी) के साथ धारा 3(5) के तहत अपराधों का उल्लेख किया गया है। आयकर विभाग ने छापे आयकर विभाग ने 18 दिसंबर, 2024 को सोफत परिवार से जुड़े पांच स्थानों पर व्यापक छापे मारे थे, जिसमें उनके आवास, अस्पताल और कार्यालय शामिल थे। बताया जाता है कि यह अभियान परिवार के रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़ी कथित कर चोरी से जुड़ा था। डिवीजन नंबर 8 पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर अमृतपाल शर्मा ने एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
After-9-Months-Fir-Against-Five-Doctors-Of-Sofat-Family-For-Obstructing-Income-Tax-Raid