नई दिल्ली। दिल्ली धमाका करने वाले आतंकियों का ग्रुप फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हो रहा था। सूत्रों के मुताबिक धमाकों की साजिश जनवरी से की जा रही थी। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने बताया कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी। शाहीन और उसके साथियों को मिलाकर एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल बनाया गया था। यानी इसमें पेशेवर लोगों को शामिल किया गया था। इसमें शामिल आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद नाम के संगठनों जुड़े थे। इधर पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। लाल रंग की इस फोर्ड इकोस्पोर्ट कार का नंबर DL10-CK-0458 है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। अलर्ट जारी होने के बाद बुधवार शाम को ही कार को हरियाणा के खंदावली गांव के पास से बरामद किया गया है। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
प्रधानमंत्री घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान से लौटते हुए एयरपोर्ट से सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के इलाज का जायजा लिया और डॉक्टरों से बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकियों ने देशभर में 200 बम (IEDs) से 26/11 जैसे हमले करने की साजिश रची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के लाल किला, इंडिया गेट, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और गौरी शंकर मंदिर जैसी जगह धमाके किए जाने थे। आतंकियों के टारगेट पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के साथ देशभर के रेलवे स्टेशनों और बड़े मॉल्स भी थे।
Delhi-Blast-Conspiracy-Hatched-Since-January-Lady-Terrorist-Hoarding-Explosives-For-Two-Years-Pm-Modi-Visits-Injured-In-Hospital