पंजाब। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की आज (मंगलवार) को मोहाली कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन उन पर चार्जेज फ्रेम नहीं हो पाए हैं। अब अगले साल 2026 में चार्जेज फ्रेम की प्रक्रिया होगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 जनवरी तय की है। इस मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया पर 22 अगस्त को मोहाली अदालत में विजिलेंस ने चालान पेश किया था। विजिलेंस ने केस में 200 से ज्यादा गवाह बनाए हैं, जबकि 40 हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट पेश की है, जिसे चार ट्रंकों में अदालत लाया गया। वहीं, मजीठिया जमानत के लिए हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं, जहां इस मामले की सुनवाई 19 जनवरी को होगी।
अमृतसर से किया था मजीठिया को अरेस्ट
मजीठिया को विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को अमृतसर से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय से अधिक संपत्ति जुटाई है। इससे पहले 2021 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मजीठिया पर एनडीपीएस एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था। जिसमें अब तक पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय और ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर समेत 6 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। पंजाब, हिमाचल, दिल्ली और यूपी में मजीठिया की संपत्तियों पर छापेमारी हो चुकी है। सरकार का कहना है कि उसके पास पुख्ता सबूत हैं, जबकि मजीठिया के वकील इसे राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद मामला बता रहे हैं।
Charges-Will-Be-Framed-Against-Majithia-Next-Year-Next-Hearing-In-Mohali-Court-On-January-3-Accused-Of-Possessing-Assets-Disproportionate-To-His-Incomeby