पंजाब। बठिंडा में चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और पुलिस के बीच झड़प हो गई। किसान जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। लेकिन इससे पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया। किसान पुलिस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। इससे वहां बवाल बढ़ गया। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे किसानों में अफरातफरी मच गई। 9 महीने पहले टीचरों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे 2 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनकी रिहाई को लेकर किसान यूनियन ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को पुलिस ने हाईवे पर गांव ज्योंद के पास रोक लिया। किसान वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान DSP गुरप्रीत सिंह और नायब तहसीलदार को डेढ़ घंटे तक घेर कर बैठाए रखा। किसानों का कहना था कि जब तक उनके गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे अधिकारियों को नहीं छोड़ेंगे और हर हाल में अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। बताया जा रहा है कि शाम को किसान फिर से आगे बढ़ने लगे तो पुलिस उनको रोकने लगी। इस पर विवाद बढ़ गया।
साथी की रिहाई के लिए कर रहे प्रदर्शन
यह पूरा विवाद नौ महीने पुराने एक मामले से जुड़ा है। स्कूल से टीचरों को हटाने के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया था। इसमें पुलिस ने गांव चाउके के बलदेव सिंह और गांव जिजंद के शगनदीप सिंह बठिंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं। किसान यूनियन इन दोनों साथियों की तुरंत रिहाई की मांग कर रही है। DSP गुरप्रीत सिंह ने बताया कि प्रशासन ने कल और आज भी किसान नेताओं झंडा सिंह जेठूके और शिंगारा सिंह मान के साथ बैठक की थी। पुलिस का तर्क है कि रिहाई की कुछ कानूनी प्रक्रियाएं होती हैं, जिनमें समय लगता है। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और बठिंडा स्थित कार्यालय की ओर कूच करने का प्रयास किया। जिसके बाद उन्हें हाईवे पर ही रोकना पड़ा।
Farmers-And-Police-Clash-In-Punjab-Tear-Gas-Fired-Anger-Over-The-Failure-To-Release-Their-Comrades-Dsp-And-Deputy-Tehsildar-Held-Protest