समाज सेवी चेतना बवेजा की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही है। भले ही पुलिस चेतन बवेजा को अभी तक अरेस्ट नहीं कर पाई है, लेकिन रेप पीड़िता एक बार फिर से मीड़िया के समक्ष आई है । रेप पीड़िता का कहना है कि पुलिस व राजनीतिक अप्रोच के चलते अभी तक चेतन बवेजा की गिरफतारी नहीं हो पाई है। रेप पीड़िता ने कहा कि पुलिस उसे दबके मार रही है और उसे ऐसे लग रहा है कि वे खुद रेपिस्ट है। उसने कहा कि मैं डीएनए टेस्ट करवाने की मांग कर रही हूं, लेकिन पुलिस इस मामले को एगनोर कर रही है। रेप पीड़िता ने बड़ा खुलासा करते कहा कि जब उसकी रमण हास्टिपटल में डिलवरी हुई थी तो उस समय उसने फार्म में लड़के के पिता का नाम चेतन बवेजा भरा था। ये फार्म 4 फरवरी 2023 को भरा गया था। पीड़िता ने बताया कि उन्हें कुछ दिन बाद अस्पताल से फोन आया कि वे अपना फार्म ले जाएं। इस फार्म में चेतन बवेजा का नाम काटकर आशीष भाटिया कर दिया गया। जब उन्होंने इस संबंधी पूछा तो उनका कहना था कि वे इस पर चेतन बवेजा का नाम नहीं भर सकती। पीड़िता ने बताया कि चेतन बवेजा के दोस्तों ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए पहले चेतन बवेजा का नाम कटवाया और बाद में बर्थ सर्टिफिकेट पर भी आशीष भाटिया का नाम लिखवा जाली फार्म मुझे पकड़वा दिया। पीड़िता ने बताया कि अब उसे भी लगने लगा है कि उसे पुलिस से इंसाफ मिलने वाला नहीं और उसे भी अब इंसाफ के लिए अपने छोटे बच्चे के साथ धरने लगाने पड़ेंगे। पर थाना डिवीजन नंबर दो की पुलिस ने रेप का मामला किया था सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने आई रेप पीड़िता एक बार फिर से मीड़िया के समक्ष आई है।
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