लुधियाना। लुधियाना में नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इन नतीजों के मुताबिक आप को 41, कांग्रेस को 30, बीजेपी को 19, शिअद को 2 और आजाद उम्मीदवारों को 3 सीटें मिली। हालांकि मेयर बनाने के लिए 48 सीटें जरुरी है। जिसके चलते अब जोड़ तोड़ के बाद ही मेयर बन सकेगा। लुधियाना वासियों का कही न कही आरोप है कि आप नेताओं की अनदेखी के कारण ही पार्टी को यह नुकसान झेलना पड़ा है। क्योंकि नेताओं द्वारा सिर्फ अपने चहेतों को आगे रखकर काम करवाए जाते हैं। आम जनता की सुनवाई नहीं हो रही। लगातार भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते कही न कही निगम चुनाव में वोटरों द्वारा इसका जवाब भी दे दिया गया है। वहीं अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आप पार्टी द्वारा विजेताओं को पार्टी में शामिल करवाकर मेयर बनाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सूत्र यह भी कहते हैं कि कही भाजपा व कांग्रेस आपस में मिलकर मेयर न बना डाले। अब देखना होगा कि आखिर मेयर की कुर्सी किस पार्टी के पास जाती है। इस बार शहर का मेयर गठबंधन के समर्थन से चुना जाएगा। अगर आप अपना मेयर चुनती है तो उसे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का पद गठबंधन वाली पार्टी को देना पड़ सकता है। दूसरी ओर, नगर निगम चुनाव के बाद देर रात कांग्रेस और आप हाईकमान में गठबंधन की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
30 सीटों पर ही सिमटी कांग्रेस, आपसी फुट का भी असर
जानकारी के अनुसार 2018 के चुनाव में 63 सीटें जीतकर दबदबा बनाने वाली कांग्रेस 30 सीटों पर सिमट गई, जबकि भाजपा ने 19 सीटें जीतीं। शिरोमणि अकाली दल को सिर्फ दो सीटें मिलीं और तीन निर्दलीय भी जीते। इसके विपरीत, 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 95 वार्डों में से 63 पर कब्जा किया था, जिसमें शिरोमणि अकाली दल ने 11, भाजपा ने 10, लोक इंसाफ पार्टी ने 7, आप ने सिर्फ 1 पर कब्जा किया और चार निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। वहीं बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी में आपसी फुट के कारण यह रिजल्ट सामने आए हैं।
Mayor-Will-Be-Made-In-Ludhiana-Due-To-Manipulation-Neglect-Of-Leaders-Cost-Aap-Dearly-Winner-May-Join-Ruling-Party