यशपाल शर्मा, लुधियाना
लुधियाना की वेस्ट विधानसभा सीट पर तीनों अहम राजनीतिक पार्टी किसे अपना उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारेगी, इसको लेकर असमंजस बरकरार है। इन तीनों पार्टियों में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा शामिल हैं, जबकि क्षेत्रीय पार्टी शिरोमणि अकाली दल से भी उम्मीदवा कौन होगा, ये साफ नहीं हैं। बात करें आम आदमी पार्टी की तो यहां से सबसे अहम दावा पूर्व स्वर्गीय विधायक गुरप्रीत गोगी की पत्नी का है और ये टिकट हासिल करने को पब्लिक मीटिंग में एक्टिव भी हो गई हैं। वहीं इसी परिवार से स्व. गुरप्रीत गोगी का बेटा भी वेस्ट से टिकट लेने के इच्छुकों में बताया जा रहा है। इतना ही नहीं आम आदमी पार्टी से वेस्ट की विधायक टिकट लेने को अन्य पार्टी के दिग्गज भी दौड़ में बताए जा रहे हैं। इनमें एक अहम पार्टी से विधायक चुनाव लड़े दो नेताओं का नाम भी चर्चा में आया हुआ है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी से जुम्मा जुम्मा कौंसलर बने कुछ नेता भी इस टिकट की दौड़ में लगे हुए हैं। लेकिन पिछले 15 दिनों में बदले समीकरणों के चलते मीड़िया में डेवलपमेंट कार्य करवाने को लेकर सुर्खियों में रहने वाले लुधियाना से राज्यसभा सांसद व कारोबारी संजीव अरोड़ा का नाम भी इस दौड़ में बड़ी तेजी से ऊपर आया हैं। विधायक चुनाव के लिए उनका नाम ऊपर आने में भी कईं मायनें बताए जा रहे हैं। जिनके चलते आम आदमी पार्टी एक तीर से दो निशाने का खेल खेलती दिखाई दे सकती है। वहीं कांग्रेस से इस सीट पर तीन बार चुनाव लड़ दो बार विजयी रहने वाले भारत भूषण आशू पिछले बीस दिनों में सोशल मीड़िया में पूरी स्पीड़ से एक्टिव हो गए हैं। इतना ही नहीं चाहे शादी विवाह सामरोह हो या माता का जागरण हो, उनमें शामिल हो, आशू पब्लिक में अपनी एक्टीविटी का कोई माैका नहीं चूक रहे हैं। हालांकि अभी तक उनके अलावा कांग्रेस से कोई दूसरा नाम सामने आता नहीं दिखाई दे रहा। लेकिन मात्र दो साल के लिए ये बाई चुनाव है, इसलिए वे अपनी रणनीति कभी भी बदल भी सकते हैं। लेकिन इस स्थिति में उनका कौन सा नजदीकी चुनाव लड़ेगा, ये अभी समय की मुटटी में बंद हैं। वहीं भाजपा में इस सीट पर पिछली बार सीनियर एडवोकेट बिक्रम सिंह सिद्धू चुनाव लड़े थे और कांग्रेस व आप की टक्टर में उनका प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा था। लेकिन पार्टी इस बार फिर से सिद्धू को टिकट देती हैं या फिर इस बार कईं अन्य नाम भी इस सीट से चुनाव लड़ने को चर्चा में आ रहे हैं। जिनमें भाजपा के सीनियर नेता जीवन गुप्ता, महिला नेत्री राशि अग्रवाल, कारोबारी राकेश कपूर, अमरजीत सिंह टिक्का भी इस सीट से टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। वहीं शिअद से इस बार सीनियर नेता महेश इंद्र सिंह ग्रेवाल फिर से इस सीट पर अपनी किस्म अजामाएंगे या फिर उनका बेटा इस सीट पर चुनाव लड़ सक्रिय राजनीति में आगे आएगा, ये भी चर्चा में बना हुआ हैं।
अब बदले समीकरण, चर्चा आप एक तीर से दो निशाने लगाने की तैयारी में
आम आदमी पार्टी के हाथों से दिल्ली निकलने के बाद अब इन सभी कयासों के समीकरण बदलते दिखाई देने लगे थे और राजनीतिक गलियारे में यहां तक चर्चा होने लगी थी कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पंजाब सीएम की कुर्सी पर बैठने को लुधियाना वेस्ट विधानसभा से चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल पर दिल्ली की अहम जिम्मेवारी है और पार्टी के विस्तार के लिए उनका केंद्र में रहना सबसे अहम हैं। लेकिन उनकी केंद्र में ये वापसी विधायक चुनाव लड़ के नहीं, लेकिन वहीं पंजाब से राज्यसभा सीट हासिल कर वे राज्यभा में अपना पक्ष व विरोधी पार्टियों की पोल खोल सकते हैं। ऐसे में पंजाब से आम आदमी पार्टी के पांच राज्यसभा मैंबर हैं, जिनमें राजनीतिज्ञ राघव चडडा, स्पोर्टर्स मैन हरभजन सिंह, दिल्ली आईआईटी प्रोफेसर संदीप पाठक, बिजनेसमैन संजीव अरोड़ा और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल शामिल हैं। ऐसे में अगर इन राज्यसभा मेंबर्स में कारगुजारी की बात की जाए तो इनमें अशोक मित्तल अन्य राज्यसभा मैंबर के मुकाबले कम एक्टिव दिखे हैं और अगर बात लुधियाना से राज्सभा सांसद संजीव अरोड़ा की जाए तो वे मीड़िया में इस समय सबसे एक्टिव नेता के तौर पर देखे जा रहे हैं। ऐसे में केजरीवाल के लिए अशोक मित्तल की राज्यसभा कुर्सी को खाली करवाने की बातें भी पहले सामने आई थी, लेकिन लुधियाना में वेस्ट सीट पर बाई इलेक्शन होने हैं और इसलिए यहां से शहर के विभिन्न डेवलपमेंट कामों को करवाने को लेकर एक्टिव संजीव अरोड़ा का नाम भी वेस्ट सीट से विधायक टिकट की दौड़ में सबसे अहम बताया जा रहा है और उनकी राज्यसभा की कुर्सी के जरिए ही अरविंद केजरीवाल दिल्ली के केंद्र में पहुंचेंगे। गौर हो कि संजीव अरोड़ा लगातार लुधियाना की डेवलपमेंट को चाहे वो मुल्लापुर में एयरपोर्ट को शुरु करना हो, या सिधवां कनाल नहर पर पुल चालू करने का हो या केंद्र सरकार की ओर से नए बाइपास बनाने के कामों आ रही लुधियाना में अड़चन को दूर करने में संजीव अरोड़ा लगातार काम करते दिखाई दिए हैं। इतना ही नहीं लुधियाना के काराेबारियों की भी मुश्किलें हल करने को वे पंजाब सरकार के बीच पुल का काम करते दिखे हैं।
Confusion-Continues-Over-Which-Party-Will-Make-Whom-Its-Candidate-From-Ludhiana-West-In-The-Changing-Equations-The-Name-Of-This-Businessman-Came-Forward-In-The-Race-For-Ticket