यशपाल शर्मा, लुधियाना
लुधियाना नगर निगम में विपक्षी पार्षदों के हंगामें के बीच आगामी की वित्त वर्ष 2025- 26 के लिए 1100 करोड रुपए का सालाना बजट मंजूर कर दिया गया। नगर निगम मुख्यालय जोन ए में आज लुधियाना के 7 वें जनरल हाउस की पहली मीटिंग मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर और नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल अगवाई में की ग।ई इस मीटिंग में लुधियाना उत्तरी के विधायक मदनलाल बग्गा, लुधियाना पूर्वी के विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, लुधियाना केंद्रीय के विधायक अशोक पाराशर पप्पी, आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, लुधियाना साउथ की विधायक राजिंदर पाल कौर छीना, नगर निगम सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर और एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह समेत अन्य काउंसलर मीटिंग में मौजूद रहे। मीटिंग की शुरुआत सबसे पहले लुधियाना पश्चिम के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर के पिता राजकुमार जौहर और काउंसलर राजकुमार के देहांत पर 2 मिनट का मौन रख शोक प्रगट किया गया।
आज नए निगम सदन की पहली बैठक की अगुवाई मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने की। और इस पहली मीटिंग की शुरुआत ही हंगामेदार होती देखी। मीटिंग की शुरुआत में ही विपक्षी काउंसलर्स की ओर से जीरो आवर देने की मांग की गई। जिसको लेकर निगम सदन में तल्खी का माहौल भी बहुत बनता दिखा। माहौल गर्म होता देख मेयर ने आश्वासन दिया कि बजट के बाद विभिन्न पार्टी के किसी एक नुमाइंदे को बोलने का मौका दिया जाएगा। लेकिन इस पर भी पार्षदों ने एतराज जताया और कहा कि मीटिंग में जो कोई भी पार्षद अपना पक्ष रखना चाहता है उसे बोलने की इजाजत दी जाए। इसके बाद सदन में बजट को पढ़ना शुरू किया तो इस पर भाजपा पार्षद रोहित सिक्का ने एतराज जताया कि इस बजट को मद वाइज पार्षदों के बीच में डिस्कशन किया जाए। तांकि काउंसलर भी इसमें अपना सुझाव दे पाएं। इस पर मेयर व विधायकों का कहना था कि इस बजट पर उनकी पार्टी के नेता के साथ डिस्कशन हो चुकी है, लेकिन कौंसलर्स का कहना था कि अगर किसी के जहन में शहर की बेहतरी को सुझाव है तो उसे क्यों न सुना जाए। इस बात को लेकर भी सदर में माहौल गरमाता दिखाई दिया। तब विधायक मदनलाल बागा की ओर से मामले को शांत करवाया गया।
कौंसलर रोहित सिक्का ने बिल्डिंग ब्रांच की रिकवरी 100 करोड़ करने की रखी मांग
मीटिंग में भाजपा काउंसलर रोहित सिक्का की ओर से बिल्डिंग ब्रांच की रिकवरी को 100 करोड रुपए करने की मांग की गई। सिक्का ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष के लिए बिल्डिंग ब्रांच से 75 करोड़ की रिकवरी बेहद कम है जबकि शहर में अनगिनत होटल, कमर्शियल बिल्डिंग बन रही है और ये रिकवरी बेहद आराम से हो सकती है। उन्होंने कहा कि महीना वाइज ये रिकवरी मात्र 6 करोड़ रुपए के आसपास बनती है और इतनी रिकवरी बिल्डिंग ब्रांच 8- 10 बिल्डिंगों से ही कर सकती है। लेकिन अंडर टेबल पैसे चलने के चलते ये संभव नहीं हो पाता। उन्होंने मांग करते कहा कि बिल्डिंग ब्रांच की यह रिकवरी 100 करोड रुपए कम से कम की जानी चाहिए।
शाम सुंदर मल्होत्रा ने 40 करोड़ की लाइटों का मांगा लेखा जोखा
कांग्रेसी पार्षद दल के नेता श्याम सुंदर मल्होत्रा की ओर से 40 करोड़ की लागत से लगने वाली लाइटों का लेखा-जोखा मांगा गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के हारे हुए काउंसलर को भी 20-20 लाइटें दी जा रही है, जबकि अन्य पार्टी के जीते हुए काउंसलर को दो से अधिक लाइटें नहीं मिल रही। मल्होत्रा ने किा कि इन लाइटों का हिसाब दिया जाए, कि ये लाइटें किसे किसे बांटी गई हैं। इस पर लुधियाना ईस्ट के विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल और श्याम सुंदर मल्होत्रा के बीच में भी तल्खी का माहौल बनता दिखाई दिया। माहौल तब और गर्म हो गया जब विधायक दलजीत सिंह भोला अग्रवाल की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि सभी पार्षदों को बीस बीस लाइटें दी जाएगी। जिस पर मल्होत्रा ने कहा कि वह किस कैपेसिटी से यह आश्वासन सदन में दे रहे हैं। यह आश्वासन मेयर या नगर निगम कमिश्नर की ओर से दिया जाए तो ठीक है। जिस पर भोला ग्रेवाल का कहना था कि वह एक मेंबर के तौर पर यह आश्वासन दे रहे हैं। जिस पर श्याम सुंदर मल्होत्रा ने इस पर एतराज जताया और इसे पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि ये आश्ववासन मेयर की ओर से सदन को दिया जाए। इसी हंगामे के बीच बजट को पास पास कहकर मंजूरी दे दी गई। जिस पर कांग्रेस के पार्षद श्यामसुंदर मल्होत्रा, निर्मल खेड़ा सहित अन्य पार्षद निगम सदन के दरवाजे पर धरना लगाए बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। जिस को लेकर माहौल तब ओर गर्मा गया जब धरने पर बैठे पार्षदों ने मेयर को भी सदन से बाहर नहीं जाने दिया। जिस पर आम आदमी पार्टी के विधायक मदनलाल बग्गा के बेटे अमन बग्गा व अन्य आप कौंसलर्स की कांग्रेसी कौंसलर्स के बीच धक्का मुक्की का माहौल भी बनता दिखा। जिसके बाद शाम सुंदर मल्होत्रा व अन्य पार्षदों को पीछे हटाकर मेयर को बाहर जाने का रास्ता दिया गया। यह मामला यहीं पर शांत नहीं हुआ इसके बाद भी कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों ने नगर निगम की सीढियों पर खउे़ होकर नारेबाजी की और कुछ पार्षदों की ओर से मेयर के कमरे के बाहर भी धरना दिया गया।
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मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि यह बजट सभी पहलुओं को शामिल करता है और यह पूरे शहर के विकास पर केंद्रित एक व्यापक बजट है। शहर में विकास कार्यों के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें सड़कों का पुनर्निर्माण/मरम्मत, पानी-सीवर लाइनों की स्थापना, स्ट्रीट लाइटों की खरीद और रखरखाव, पार्कों का रखरखाव आदि शामिल हैं।
आय के मुख्य स्रोतों के बारे में बात करते हुए मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स शाखा के तहत वार्षिक वसूली का लक्ष्य 160 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि पानी-सीवर बिलों के लिए वसूली का लक्ष्य 60 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार बिल्डिंग शाखा के लिए वसूली लक्ष्य 75 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जीएसटी हिस्सेदारी के रूप में 680 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। आय के अन्य स्रोतों में किराया/पट्टा, विपणन शुल्क, विज्ञापन कर, अतिरिक्त उत्पाद शुल्क आदि शामिल हैं।
मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का फोकस समग्र सतत विकास पर है। इसी तर्ज पर काम करते हुए राज्य के औद्योगिक हब के रूप में जाने जाने वाले लुधियाना के विकास के लिए हर कदम उठाया जा रहा है।
इस बीच, मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर ने निवासियों और सभी पार्टियों के चुने हुए प्रतिनिधियों से एक परिवार की तरह लुधियाना की बेहतरी के लिए काम करने और नगर निगम का समर्थन करने की अपील की, जो लुधियाना को नंबर 1 शहर बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है
Amid-Uproar-By-The-Opposition-A-Budget-Of-Rs-1100-Crores-Was-Passed-In-The-Municipal-House-Congress-Councillors-Staged-A-Sit-In-And-Blocked-The-Way-Of-The-Mayor