यशपाल शर्मा, लुधियाना
पंजाब में बिना एनओसी के प्लॉटों की रजिस्ट्री करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भगवंत मान सरकार को बड़ा झटका दिया है। उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि बिना एनओसी के कोई भी पंजीकरण न हो।
जानें, हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब अपार्टमेंट एवं प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट की धारा 20सी के तहत जारी एनओसी के तहत ही लाइसेंस के तहत ही रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता प्रेम प्रकाश ने एडवोकेट आयुष गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर पंजाब सरकार द्वारा 24 अक्टूबर 2024 को इस अधिनियम में किए गए संशोधन को चुनौती दी है, जिसमें बिना एनओसी के पंजीकरण की अनुमति दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह संशोधन पूरी तरह से अवैध है, बिना एनओसी के 'नो ओब्जेक्शन' कैसे दिया जा सकता है और अवैध कॉलोनियों में सेल डीड की अनुमति कैसे दी जा सकती है।
उच्च न्यायालय ने 24 अप्रैल के लिए नोटिस जारी किया
इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की बेंच ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 24 अप्रैल तक जवाब मांगा है और साथ ही सरकार को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं कि किसी भी व्यक्ति को जारी किया जाने वाला लाइसेंस पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 की धारा 20 (3) के तहत एनओसी के आधार पर ही जारी किया जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश से स्पष्ट है कि सरकार को बिना एनओसी के रजिस्ट्रेशन न करने का आदेश दिया गया है।
No-Plot-Will-Be-Registered-Without-Noc-High-Court-Gave-A-Blow-To-Bhagwant-Maan-Government