लुधियाना, 2 अप्रैल, 2025
स्वच्छतम पोर्टल पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, देश के शहरी क्षेत्रों में उत्पन्न म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट की कुल मात्रा प्रतिदिन 1.619 लाख टन है।
यह बात केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा के चालू सत्र में लुधियाना से सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा द्वारा पूछे गए 'नगरीय ठोस कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्रों की स्थिति' पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर में कही है।
आज एक बयान में, अरोड़ा ने कहा कि मंत्री ने अपने उत्तर में आगे उल्लेख किया है कि संविधान की 7वीं अनुसूची के तहत स्वच्छता राज्य का विषय है और भारत के संविधान के 74वें संशोधन द्वारा जल और स्वच्छता सेवाओं के लिए अर्बन लोकल बॉडीज (यूएलबी) को शक्ति का हस्तांतरण किया गया है। देश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता परियोजनाओं की योजना बनाना, डिजाइन करना, लागू करना और संचालित करना राज्य/यूएलबी की जिम्मेदारी है। आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (एमओएचयूए) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर मैनुअल/प्रक्रिया मानक (एसओपी) तैयार करके नीति निर्देश, वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करके स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के माध्यम से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में सहायता करता है और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के चयन के लिए समय-समय पर विभिन्न परामर्श और दिशानिर्देश जारी करता है।
मंत्री ने आगे उत्तर दिया कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तहत, राज्य उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एसएचपीसी) द्वारा अनुमोदित परियोजना लागत के अधिकतम 30% के अधीन अंतर वित्तपोषण के 50% तक केंद्रीय सहायता/अनुदान सहायता राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को एसडब्लूएम गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए प्रदान की जाती है।
India-Generates-More-Than-One-Lakh-Tons-Of-Municipal-Solid-Waste-Daily-Mp-Arora