डेस्क, लुधियाना
राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा ने बुधवार शाम को शहीद भगत सिंह नगर (वार्ड नंबर 56) के एफ-ब्लॉक में आयोजित एक बड़ी चुनावी रैली के दौरान अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर गहरी आशा व्यक्त की।
अरोड़ा के भाषण से पहले, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मतदाताओं से आगामी लुधियाना (पश्चिम) विधानसभा उपचुनाव में अरोड़ा का समर्थन करने का आग्रह किया। सिद्धू ने कहा कि अगर अरोड़ा चुने जाते हैं, तो अगले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दो साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, अरोड़ा ने अपने संबोधन के दौरान आत्मविश्वास से लंबे कार्यकाल की भविष्यवाणी करते हुए कहा, "चिंता मत करो- मैं अगले 12 साल तक यहां रहूंगा, क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली मौजूदा राज्य सरकार इतने लंबे समय तक नेतृत्व करती रहेगी।"
अरोड़ा ने अपने स्पष्ट और दिल से भरे भाषण से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, "आपको मेरे लिए यह चुनाव लड़ना होगा, क्योंकि मैं कोई राजनीतिज्ञ नहीं हूं- मुझे नहीं पता कि चुनाव कैसे लड़ा जाता है।" अरोड़ा ने याद किया कि उन्होंने कभी चुनावी राजनीति में उतरने की कल्पना नहीं की थी, लेकिन मौजूदा विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी के निधन के बाद उन्होंने चुनौती स्वीकार कर ली। `आप' के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया, इस फैसले को उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ स्वीकार किया।
उन्होंने राज्यसभा सांसद के तौर पर अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों, खासकर लुधियाना के विकास पर प्रकाश डाला, जिससे दर्शकों ने तालियां बटोरीं।
विधायक सिद्धू ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि लोगों को इतनी संख्या में वोट देना चाहिए कि वोटिंग मशीन "अरोड़ा-अरोड़ा" की बीप बजाए। उन्होंने सार्वजनिक कार्यों को कुशलतापूर्वक और निष्पक्ष रूप से पूरा करने की अरोड़ा की क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा, "अरोड़ा के लिए हर कोई वीआईपी है। इसलिए, वह हर किसी के काम को प्राथमिकता देते हैं।"
नगर पार्षद तनवीर सिंह धालीवाल ने भी इसी तरह की भावनाओं को दोहराया और अरोड़ा को अपने राजनीतिक जीवन में सबसे सक्रिय सांसद बताया। उन्होंने रिकॉर्ड तोड़ जीत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि सरकारी विभागों में अरोड़ा का प्रभाव सार्वजनिक मुद्दों के शीघ्र समाधान को सुनिश्चित करता है। अन्य उपस्थित लोगों में सुरिंदर संधू, हेमंत सूद, राकेश गर्ग, गुलज़ार पंधेर, गोपाल चौहान, महावीर, दर्शन सिंह, प्रितपाल सिंह, हरप्रीत कौर, परमिंदर सिंह, चरणजीत सिंह, संध्या अरोड़ा और काव्या अरोड़ा शामिल थे।
Sanjeev-Arora-Said-In-A-Public-Meeting-You-Have-To-Contest-This-Election-For-Me-I-Am-Not-A-Political-Person