नगर निगम ए जोन में आते सुभानी बिल्डिंग चौक के नजदीक शाहपुर रोड़ पर बनकर तैयार खड़ा सिक्स कैटेगिरी कांपलेक्स आजकल चर्चा में आया हुआ है। बताया जाता है कि इस बिल्डिंग को रिहायशी मकानों को गिराकर तैयार तो कर दिया गया, लेकिन इस पूरे निर्माण के पीछे की भी बड़ी कहानी बताई जा रही है। वैसे तो इस पूरे कापलेकस का नक्शा भी चंडीगढ़ से पास करवाया गया है, लेकिन इसके बावजूद इस बिल्डिंग के कंपीलिशन को आज कल एड़ी चोटी का जोर लगा हुआ है। ये बिल्डिंग 15 से 20 मकान मालिकों के साथ सौदेबाजी करके बनाई गई है। लेकिन इस बिल्डिंग निर्माण में बिल्डिंग बॉयलाज की जमकर धज्जियां उड़ाई गई और इसका नतीजा है कि कंपीलिशन के लिए बिल्डिंग का बहुत सा हिस्सा तोड़ना पड़ सकता है। इसलिए अब इस बिल्डिंग का कंपीलिशन को कईं तरह के हत्थे नथे भी अपनाए जा रहे हैं। बताया जाता है कि ये बिल्डिंग शहर के रसूखदारों की है और इसलिए बिल्डिंग का नाजायज हिस्सा गिराए बिना ही इस काम को अंजाम देने की कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन अब ये मामला इसलिए भी चर्चा में आया है, क्योंकि उक्त बिल्डिंग निर्माण में तमाम तरह की खामियों होने की एक शिकायत आज निगम कमिश्नर आफिस में पहुंच गई हैं। ये शिकायत आरटीआई एक्टीविस्ट रवि कुमार की ओर से की गई हैं।
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मोटी रिश्वत के जरिए बिल्डिंग ब्रांच में सब कुछ संभव, लेकिन ड़र.......
नगर निगम लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच में मोटी रिश्वत देकर जैसी मर्जी नाजायज बिल्डिंग को कंपाउंड करने में भी अफसर किसी तरह का गुरेज नहीं करते। यहां तक की बिल्डिंग बॉयलाज में हेरफेर कर और आला अफसरों को मोटी रिश्वत का लड़डू दिखाकर यहां अनकंपाउंड होटलों के हिस्से तक कंपाउंड कर दिए गए हैं। लेकिन मोटी रिश्वत लेकर इस तरह के कारनामों को अंजाम देने वाले एसई संजय कंवर (जिनके पास एमटीपी का चार्ज रहा है) आज कल विजिलेंस के हत्थे चढ़ा हुआ है और उसके कार्यकाल में ऐसी कईं नाजायज बिल्डिंगों की रसीदें काट दी गई, जो संभव नहीं था। उसके इन कारनामों में बिल्डिंग ब्रांच के ही एटीपी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, हैड ड्राफटमैन तक ने अहम भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि आज भी बिल्डिंग ब्रांच के कईं मुलाजिम विजिलेंस के ब्यूरों के चक्कर काटते दिखाई दिए और कईं बिल्डिंगों की फाइलें वहां पर जांच को सबमिट करते दिखे। इतना ही नहीं बिल्डिंग ब्रांच की मिलीभुगत से ही कईं बिल्डिंगों तक की फाइलें तक गायब की जा चुकी हैं। यही डर बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को फिलहाल इस नाजायज बिल्डिंग को कंपाउंड करने से रोक रहा है।
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वहीं इस बारे में नगर निगम लुधियाना में तैनात एसटीपी मोनिका आनंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसी कोई बिल्डिंग फिलहाल कंपीलिशन के लिए उनके पास नहीं आई हैं। उनके पास अगर कोई भी बिल्डिंग कंपीलिशन को आती है तो बिल्डिंग बॉयलाज पूरे किए जाने के बाद ही इसे मंजूरी दी जाती है।
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