यशपाल शर्मा, लुधियाना
किदवई नगर में सूफियां चौक के नजदीक बंटी ढाबे पर नियमों को ताक रखकर बनी नाजायज बिल्डिंग पूरी चर्चा में आई हुई है। इस बिल्डिंग को लेकर मामला माननीय हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इसके चलते म्यूनिसिपल टाउन प्लानर, एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टरों की जान आफत में फंसी हुई हैं। आपको बता दें कि इस नाजायज बिल्डिंग निर्माण को लेकर मिलन जेठी की ओर से स्टेट आफ पंजाब व नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में सिविल रिट पटीशन दायर की हुई है। इस बिल्डिंग निर्माण की नींव से लेकर इसके चार मंजिला बनने तक जमकर रिश्वत का खेल चला और इसी रिश्वत के खेल में उक्त बिल्डिंग की कंपाउडिंग भी कर दी गई। नगर निगम के वकील ओर से जब कंपाउडिंग की ये प्ली जस्टिस राजेश भारद्धाज के समक्ष रखी तो जज साहब ने जमकर निगम अफसरों को झाड़ लगाते कहा कि क्या आप सभी नाजायज बिल्डिंगों की कंपाउडिंग कर दोंगे। जज साहब ने कहा कि कंपाउडिंग करने से पहले उक्त बिल्डिंग का नाजायज निर्माण गिराया गया। इस पर निगम स्टाफ के होश उड़ गए। आपको बता दें कि नियमों को ताक में रखकर पिछले कुछ महीनों में ये बिल्डिंग बंटी ढाबा से मैरिज पैलेस व होटल में तबदील हो गई और नगर निगम के आला अफसर इस पर कार्रवाई के बजाय इसे अपने आशीर्वाद दिए हुए हैं। ये बिल्डिंग नगर निगम बी जोन के तहत आती है और इस बिल्डिंग के निर्माण में इस जोन के एक आला अफसर (बिल्डिंग ब्रांच से संबंधित नहीं) का नाम जमकर उछल रहा है। बताया जाता है कि बिल्डिंग मालिक की ओर से उक्त निर्माण को लेकर जमकर रिश्वत बांटी गई है और इसका नतीजा था कि कार्रवाई करने वाली बिल्डिंग ब्रांच के अफसर मौके पर कार्रवाई की बजाय अपनी जेबें भरते चले गए। माैके पर इस बिल्डिंग निर्माण में न तो फ्रंट पार्किंग छोड़ी गई है और न ही इसमें कोई सर्विस लेन रखी गई है। यहां तक बिल्डिंग की हाईट भी बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन करती है। आपको बता दें कि ये बिल्डिंग सूफिया चौक के नजदीक मेन सड़क पर है और यहां पर शादी समारोह के दौरान सड़कों पर खडे़ होने वाले वाहनों से अक्सर जाम की स्थिति भी पैदा हो जाती है।
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जानें कोर्ट में जज ने कैसे लगाई निगम अफसरों की क्लास
हाईकोर्ट में नगर निगम के पक्ष से सरकारी वकील के साथ म्यूनिसिपल टाउन प्लानर विजय कुमार सहित अन्य स्टाफ पहुंचा था। सुनवाई के दौरान जब शिकायतकर्ता मिलन जेठी के वकील का पक्ष सुनने के बाद जब इस बिल्डिंग संबंधी सरकारी अफसर से पूछा तो उसने बताया कि ये बिल्डिंग कंपाउंड की गई है। जब की मिलन जेठी के वकील का कहना था कि इस बिल्डिंग का बहुत सा हिस्सा नॉन कंपाउंडऐबल है और इसे गिराया जाना बनता है। इस पर जज ने सरकारी वकील पर गुस्साते कहा कि क्या सभी इल्लीगल बिल्डिंगों के कंपाउड कर दोगे। क्या कंपाउंडिंग से पहले इस बिल्डिंग का नाजायज निर्माण तोड़ा गया। जज ने इस दौरान गुस्से में यहां तक कह दिया कि इस बिल्डिंग का नाजायज हिस्सा अभी गिराएं। इस पर स्थिति उस समय हास्यपद हो गई जब सरकारी वकील ने कहा कि बिल्डिंग ब्रांच के अधिकतर अफसर व स्टाफ सुनवाई के लिए कोर्ट आए हैं, इसलिए अभी ये बिल्डिंग तोड़ना संभव नहीं हो पाएगा। इस पर सरकारी अफसरों ने जल्द इस बिल्डिंग पर कार्रवाई का भरोस दे कोर्ट में अपनी जान झुड़ाई।
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फायर एनओसी को लेकर भी बिल्डिंग सवालों के घेरे में
आपको बता दें इस बिल्डिंग के निर्माण दौरान तो कईं तरह से लापरवाही बरती गई, लेकिन अब भी निगम इस बिल्डिंग को लेकर कईं तरह के सवालों के घेरे में हैं। जहां इस बिल्डिंग में शादी व अन्य तरह की पार्टी आरंभ हो चुकी है ऐसे में यहां पर पार्टी इवेंट में सैकड़ों लोग तो इस बिल्डिंग में एकत्र होते हैं, लेकिन बिल्डिंग मालिक ने इस बिल्डिंग की फायर एनओसी ली है या नहीं अभी तक ये भी साफ नहीं हैं। अगर एनओसी नहीं ली तो क्यों नहीं ली और अगर ली है तो फायर ब्रिगेड आफिस ने कैसे बिना देखे ये जारी कर दी। ये अभी कई अनसुलझे सवाल हैं।
High-Court-Reprimanded-The-Illegal-Building-Built-At-Bunty-Dhaba-Near-Sufia-Chowk-Was-The-Illegal-Part-Demolished