लुधियाना। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी चरम सीमा पर पहुंचती हुई नजर आ रही है। दरअसल, भारत भूषण आशु व सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विधायक राणा गुरजीत सिंह द्वारा कंवलजीत सिंह कड़वल और दाखा के करण जौहर को हलका वेस्ट में उपचुनाव में शामिल कराया गया था। लेकिन अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दोनों नेताओं को दोबारा पार्टी में शामिल करने से साफ इनकार कर दिया है। वड़िंग ने साफ कहा कि ये दोनों नेता कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य भी नहीं थे, और चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रचार किया था। जिसके चलते उन्हें पार्टी में शामिल कराने से साफ इंकार कर दिया है। बता दें कि यह विवाद तब और बढ़ गया जब वड़िंग के विरोधी माने जाने वाले कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह पर इन नेताओं की वापसी का दबाव डालने का आरोप लगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी ने इनकी वापसी का समर्थन किया था।
उपचुनाव में दिख चुकी गुटबाजी
वहीं बता दें कि हलका वेस्ट के उपचुनाव में पहले ही भारत भूषण आशु व राजा वडिंग के बीच गुटबाजी देखने को मिली थी। क्योंकि राजा वडिंग की और से न तो उपचुनाव में प्रचार किया गया था और न ही वडिंग गुट के बाकी नेता प्रचार में शामिल हुए थे। जिसके बाद से लगातार दोनों लीडरों में दूरियां बढ़ती गई। एक तरफ लोकसभा चुनाव में वडिंग ने बैंस ब्रदर्स को पार्टी में शामिल किया था। जिस पर आशु को ऐतराज था। दूसरी तरफ उपचुनाव में आशु ने कड़वल और करण वडिंग को शामिल कराया। जिस पर सिमरजीत बैंस को ऐतराज था।
Factionalism-In-Punjab-Congress-Is-At-Its-Peak-Karwal-And-Karan-Waring-Were-Expelled-From-The-Party-They-Were-Made-To-Join-By-Ashu-Channi