चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका पर आज 11 अगस्त को फिर से मोहाली अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की करीब डेढ़ घंटे तक बहस हुई। हालांकि कोई फैसला नहीं हुआ। अब 12 जुलाई को दोबारा केस पर सुनवाई होगी। मजीठिया की पत्नी विधायक गनीव कौर भी अदालत में मौजूद रही। वकीलों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक ड्रामा है और इसमें कोई ठोस सबूत नहीं है। विजिलेंस ब्यूरो ने 25 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में अमृतसर स्थित उनके घर से मजीठिया को गिरफ्तार किया था। इस बार जांच का दायरा हिमाचल, दिल्ली और यूपी तक फैला है। हिमाचल में उनकी जमीन होने का दावा किया गया है, वहीं यूपी के गोरखपुर में उनकी शुगर मिल और दिल्ली में फार्म हाउस होने की जानकारी मिली है। इन स्थानों से मिली सामग्री को चालान का हिस्सा बनाया जाएगा। साथ ही, जांच में छह लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय भी शामिल हैं, जिनके कार्यकाल में मजीठिया पर एनडीपीएस का केस दर्ज हुआ था। ईडी के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और चार अन्य लोगों के बयान भी लिए गए हैं, जो पहले मजीठिया के करीबी रहे हैं।
रक्षाबंधन भी जेल में मनाया
बिक्रम सिंह मजीठिया को इस बार रक्षाबंधन भी जेल में ही मनाना पड़ा, क्योंकि उनकी जमानत मंजूर नहीं हो पाई थी। उनकी बहन, बठिंडा की सांसद और बादल परिवार की बहू हरसिमरत कौर बादल उन्हें राखी बांधने के लिए जेल पहुंची थीं। हालांकि अकाली नेताओं और मजीठिया के वकीलों का आरोप है कि जेल में उनसे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा है।
पत्नी अकेले संभाल रहीं हैं हलका
मजीठिया फिलहाल न्यू नाभा जेल में बंद हैं। पहले मजीठिया खुद अपने हलके मजीठा की देखभाल करते थे और लोगों की शिकायतें सुनते थे, लेकिन अब उनकी पत्नी और विधायक गनीव कौर ने मोर्चा संभाल लिया है। वह हलके में जाकर लोगों से मुलाकात कर रही हैं और हर मुश्किल का समाधान करने की कोशिश कर रही हैं।
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