पंजाब। पंजाब के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पटियाला की नाभा जेल से बाहर आ गए हैं। उन्होंने बाहर आते ही समर्थकों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने अपनी मूंछों को ताव दिया। उनके साथ उनकी पत्नी गनीव कौर भी मौजूद हैं। इस दौरान मजीठिया ने कहा कि धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब, गुरु गोविंद सिंह महाराज का। गुरु साहिब की अपार कृपा। जितना सरकार ने दबाया, उतनी ताकत मिली। दिल्ली हुक्मरानाें के साथ ईंट से ईंट टकरानी है। मुझे इस बात की प्रेरणा मिली है।
उन्होंने कहा कि जिन दिनों में अंर था। शहीदी दिन भी उन दिनों में आए। छोटे साहिबजादों ने मुगलों शासको के दवाब में नहीं आए। हक सच की बात कही। हमें यह शिक्षा दे गए कि सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़नी बहुत मुश्किल है। लेकिन डरना नहीं। लेकिन गुरू साहिब के साहिबाजादे इतना बड़ा संदेश दे गए। दास तो कुछ भी नहीं है। जब पता चलता था कि पंजाब पुलिस एक पर्चा करनी लगी है तो चाह चढ़ जाता था। मजीठिया ने कहा कि मैं दिल की गहराइयों से आप सब का, अपनी माता बहनों का, मजीठा हलके में बैठे प्रत्येक जन का धन्यवाद करता हूं। जिन्होंने मेरे लिए अरदास की। सरकार चाहती थी कि यह मरा बाहर आए। जिंदा बाहर न आए। इसलिए मुझे इस बात की समझ थी कि जब पत्रकारों को नहीं छोड़ा जा रहा है, इन पर पर्चे हुए। हमारा दविंदर जो मजदूरी कर घर चलाता है, उस पर केस दर्ज कर दिया। सरकार के खिलाफ लड़ना मुश्किल है। लड़ा तब जाता है, जब ऊपर वाले की कृपा होती है।
अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप कलेर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर लेट अपडेट हुए थे। उसके बाद कागजी कार्रवाई हुई। रिहाई के बाद मजीठिया पहले पटियाला में गुरुद्वारा साहिब जाएंगे। इसके बाद वह अमृतसर या चंडीगढ़ जा सकते हैं।
Bikram-Majithia-Emerged-From-Nabha-Jail-Twirled-His-Moustache-And-Folded-His-Hands-Saying-The-Government-Wanted-Me-Not-To-Come-Out-Alive