यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम के सी जोन के तहत आते ग्यासपुरा लोहारा इलाके में धड़ल्ले से इल्लीगल कार्मशियल व इंडस्ट्रियल बिल्डिंग बनाने का खेल जारी है। सी जोन एक ऐसा इलाका हैं, जहां सबसे अधिक इंडस्ट्रियल कंस्ट्रक्शन की जाती है, लेकिन 5 फीसदी से भी कम कंस्ट्रक्शन ऐसी होती हैं, जिनका नक्शा पास करवाकर काम किया जाता है। इसका बड़ा कारण है कि बिल्डिंग इंस्पेक्टर स्तर पर सेटिंग करके मनमाने ढंग से बिल्डिंग का निर्माण किया जाता है और बॉयलाज की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाते हुए इन इल्लीगल कंस्ट्रक्शन दौरान न तो कोई हाउसलेन छोड़ी जाती है और न ही पार्किंग का कोई प्रावधान रखा जाता है। मौजूदा समय में ग्यासपुरा के तहत आती मक्कड़ कालोनी, इंडस्ट्री एरिया सी ढंडारी कलां, रुद्रा इंक्लेव मक्कड़ कालोनी, ढंडारी लोहारा रोड़ पर न्यू महादेव नगर में धड़ल्ले से इंडस्ट्रियल व कार्मशियल बिल्डिंगों का निर्माण जारी है। यहां पर बडे़ बडे़ प्लॉट में इंडस्ट्रियल कंस्ट्रक्शन करने में कोई हाउस लेन तक नहीं छोड़ी जाती और 100 फीसदी कवरेज के साथ कंस्ट्रक्शन की जा रही है। ये सभी इल्लीगल निर्माण जोन सी के तहत आते ब्लॉक 29 में किए जा रहे हैं। भले ही लोकल बॉडी मंत्री संजीव अरोड़ा के पास पहुंची स्थानीय एटीपी नवनीत सिंह खोखर का यहां से तबादला किया जा चुका हैं, लेकिन स्थनीय बिल्डिंग इंस्पेक्टर कमल धीर आज इन निर्माणों को लेकर पूरी चर्चा में हैं।
अपनी चमड़ी बचाने को बिल्डिंग इंस्पेक्टर काट देते छोटी मोटी रसीद
आप इस इल्लीगल कंस्ट्रक्शन का पूरा खेल इस तरह से समझ सकते हैं कि अगर नियमों के तहत ये कंस्टक्शन नक्शा पास करवा की जाए तो इसकी पूरा सरकारी राशि का भुगतान सरकार के खजाने में करना पड़ता है और बिल्डिंग निर्माण भी बॉयलाज मुताबिक हो पाता है। लेकिन वहीं जब ये निर्माण एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर की सेटिंग से किए जाते हैं तो इसमें कईं तरह के दांवपेंच खेल कर जहां सरकारी खजाने में सेंध लगा दी जाती है, वहीं इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण में बॉयलाज की उल्लघना में भी आंखें मूंद ली जाती हैं। ऐसे में बिल्डिंग इंस्पेक्टर अपनी चमड़ी बचाने को पहले चालान काटता है और इसके बाद रिकवरी के नाम पर छोटी मोटी सरकारी फीस भी कटवा लेता है। लेकिन असलियत ये हैं कि कार्मशियल निर्माण में रिहायशी रेट लगाकर ये रसीदें काटी जाती है और वहीं एरिया में भी ग्राउंड फलोर का ही हिस्सा लिया जाता है। ऐसा ही कुछ इन निर्माणों में भी दिखाई देता है। आपको बता दें कि स्थानीय विधायक के नाम पर भी कईं बिल्डिंगों के निर्माण में सरकारी फीस को चूना कईं बार लगाया जा चुका है। इस मामले की शिकायत एमटीपी विजय कुमार को भी भेजी जा चुकी है।
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In-The-Racket-Of-Illegal-Construction-In-Lohara-Gyaspura-Makkar-Colony-A-Residential-Lane-And-Parking-Area-Have-Been-Encroached-Upon