न्यू हाई स्कूल की मौजूदा कमेटी के प्रधान सुनील मड़िया पर जिला प्रशासन का शिकंजा सकता दिखाई दे रहा है। उन पर आरोप हैं कि उन्होंने फर्जी कमेटी बनाकर स्कूल की करोड़ों रुपए की जमीन बेचने का बड़ा स्कैम किया है। इस मामले संबंधी न्यू हाई स्कूल एलुमनी एसोसिएशन द्वारा की शिकायत के बाद डीसी द्वारा जांच करने के आदेश दिए थे। इस मामले के लिए बैठाई एसआईटी के चेयरपर्सन एसडीएम ईस्ट विकास हीरा की और से न्यू हाई स्कूल एलुमनी एसोसिएशन के सदस्यों को बयान देने के लिए बुलाया गया। जिसके चलते एसोसिएशन के प्रधान राजेश गर्ग अन्य मेंबरों के साथ बयान देने पहुंचे। वहां पर उनकी और से अपने बयान दर्ज करवाए गए हैं। वहीं अब इस मामले में एसआईटी की और से फर्जी कमेटी बनाकर स्कैम करने वाले मड़िया ग्रुप के मालिक सुनील मड़िया को बुलाया जाएगा। इस मामले संबंधी एसडीएम विकास हीरा ने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। अभी एक पक्ष की बात सुनी गई है। जबकि अब दूसरे को भी बुलाकर उनका पक्ष सुना जाएगा। जिसके बाद मामले की जांच की जाएगी।
20 अगस्त को होगी एसआईटी की पहली मीटिंग
जानकारी के अनुसार इस मामले संबंधी डीसी द्वारा 10 दिन के अंदर अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। इस मामले संबंधी 20 अगस्त को एसआईटी की पहली मीटिंग होगी। यानि कि तब तक अधिकारियों द्वारा मामले की पूरी जांच कर क्या घोटाला हुआ है और कितने का घोटाला किया गया है, इसका खुलासा किया जाएगा। मीटिंग के बाद आगे का एक्शन लिया जाएगा।
यह है मामला
ओल्ड स्टूडेंट्स का आरोप है कि सुनील मड़िया की और से न्यू हाई स्कूल की कमेटी में पहले जबरन खुद को मेंबर बनाया। जिसके बाद सभी बाकी मेंबरों को निकालकर अपने रिश्तेदारों व करीबियों को सदस्य बनाया। फिर उसने सरकार द्वारा दी न्यू हाई स्कूल की प्रॉपर्टियों को दूसरे स्कूलों को बेच डाला। जबकि सिविल लाइन स्थित स्कूल की एक बिल्डिंग में पीजी खोल दिया, जबकि दूसरी बिल्डिंग में कोठियां बनाकर किराया खाया जा रहा है। यहीं नहीं स्कूल के नाम पर कई करोड़ रुपए अंदर कर लिए। अब सिर्फ दिखावे के लिए 40-50 स्टूडेंट्स को पढ़ाया जा रहा है। ओल्ड स्टूडेंट्स का आरोप है कि राजनेताओं की शह पर ही मड़िया ने यह स्कैम को अंजाम दिया है।
----
सांसद संजीव अरोड़ा के हस्तक्षेप डिप्टी कमिश्नर आफिस आया हरकत में
लुधियाना के सांसद (राज्यसभा) संजीव अरोड़ा के हस्तक्षेप के बाद इस पूरे मामले में डीसी आफिस हरकत में आया और उसकी ओर से जांच को तीन मेंबरी कमेटी गठित की गई। इस कमेटी जिसमें उप मंडल मजिस्ट्रेट, लुधियाना (पूर्व) को चेयरपर्सन और जिला शिक्षा अधिकारी (प्राइमरी), लुधियाना और महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, लुधियाना को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। जांच कमेटी को 10 दिनों के अंदर पूरी निर्णायक रिपोर्ट डीसी ऑफिस में सौंपने को कहा गया है। अरोड़ा ने 1 अगस्त, 2024 को डिप्टी कमिश्नर, लुधियाना को पत्र लिखकर कहा था कि यह न्यू हाई स्कूल एलुमनी एसोसिएशन जिसे राकेश भारती मित्तल (एयरटेल ग्रुप) और ओंकार सिंह पाहवा (एवन साइकिल्स ग्रुप) जैसे सम्मानित सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, द्वारा उनके ध्यान में लाया गया है कि न्यू हाई स्कूल (सिविल लाइन्स और सराभा नगर, लुधियाना) कभी पंजाब का एक प्रमुख संस्थान था, सुनील दत्त मड़िया के नेतृत्व वाली वर्तमान प्रबंधन समिति के तहत प्रतिष्ठा और परिचालन अखंडता में काफी गिरावट आई है। ऐसे गंभीर आरोप हैं कि समिति व्यक्तिगत व्यावसायिक लाभ के लिए स्कूल की संपत्तियों का दुरुपयोग कर रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के स्कूल के प्राथमिक उद्देश्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है।
डीसी को लिखे अपने पत्र में, अरोड़ा ने आगे उल्लेख किया कि न्यू हाई स्कूल एलुमनी एसोसिएशन द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, वह उपायुक्त से स्कूल सोसायटी के मामलों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित करने का आग्रह करेंगे। एसआईटी को 1997-98 के बाद से प्रबंधन समिति के कार्यों की जांच करने और यह निर्धारित करने का काम सौंपा जाना चाहिए कि क्या स्कूल की संपत्ति का कोई मिसकंडक्ट या दुरुपयोग हुआ है। इस जांच के निष्कर्ष यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होंगे कि स्कूल अपने शैक्षिक उद्देश्य को पूरा कर सके और अपनी प्रतिष्ठित विरासत को बरकरार रख सके। अरोड़ा ने अपने पत्र के साथ उपायुक्त को न्यू हाई स्कूल एलुमनाई एसोसिएशन की एक लिखित शिकायत भी भेजी थी।
New-High-School-Dispute-Old-Students-Presented-Their-Side-Before-Sdm-East