नगर निगम जोन डी में बिल्डिंग ब्रांच का फर्जीवाडा, दुगरी में ग्रीन बेल्ट पर नक्शा पास, तो वही हैबोवाल में ग्रीन बेल्ट पर एंक्रोचमेंट करवाने के लगे आरोप नगर निगम जोन डी की बिल्डिंग ब्रांच एक बार फिर से विवादों में आती दिख रही है। जहां एक और दुगरी में ग्रीन बेल्ट पर इल्लीगल नक्शा पास करने का मामला सामने आ रहा है तो वहीं दूसरी ओर हैबोवाल के दुर्गापुरी इलाके (नजदीक तूर कोठी) में एक जमीन पर बिना नक्शा पास कराए रिहायशी मकान बनाए जाने का मामला सामने आ रहा है। आपको बता दें इस प्लाट को लेकर विवाद का बड़ा कारण है कि इस जमीन को पार्क की जमीन बताया जा रहा है और इस पर नाजायज तरीके से एंक्रोचमेंट कर बिल्डिंग बनाने के आरोप लग रहे हैं । बड़ी बात है कि इस बिल्डिंग मलिक की ओर से नगर निगम में करीब 1 साल पहले भी इस प्रॉपर्टी पर नक्शा पास करवाने के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन यह आवेदन नगर निगम की ओर से रिजेक्ट कर दिया गया था। इसके बाद बिल्डिंग ब्रांच से सेटिंग के बाद यहां पर चोरी छुपे पहली मंजिल खड़ी कर ली गई और इसके बाद काम को बंद कर दिया गया। लेकिन अब फिर से इस जगह पर दूसरा लेंटर डालने की पूरी तैयारी जोरों शोरों पर चल रही है। बड़ी बात है कि इस बारे में चर्चा में रहने वाले एटीपी मोहन सिंह को भी पूरी जानकारी है और इसके साथ-साथ बिल्डिंग इंस्पेक्टर पाल परनीत भी का भी दावा है कि वह इस इलीगल बिल्डिंग को का काम रुकवा दिया गया है। लेकिन मौके पर अंदर खाते मोटे लेन देन की सेटिंग के चलते उक्त बिल्डिंग का लेटर डलवाने की तैयारी जोरों शोरों से जारी है। शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार ने बताया कि टीपी स्कीम एरिया में आते इस प्लॉट को लेकर लंबे समय से यह विवाद है कि यह पार्क की जमीन है लेकिन इसके बावजूद नगर निगम के अफसरो की ओर से बिल्डिंग मलिक का ना तो नक्शा चेक किया गया और ना ही उसके दस्तावेजों को अभी तक सच्चाई की कसौटी पर परखा गया है। एक बात साफ है कि अगर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच का यह रवैया रहा तो शहर में ऐसे पार्क की जमीनें जो पार्कों के लिए आरक्षित की गई है, उन पर नाजायज कब्जे होने शुरू हो जाएंगे। बड़ी बात है कि हैबोवाल के दुर्गापुरी इलाके में अधिकतर पार्कों की जमीन को पर कब्जा किया जा चुका है और यह एक इकलौती ऐसी जमीन है जहां पर अब मौके पर यह इलीगल रूप से मकान बनाया जा रहा है। जबकि बिल्डिंग मलिक का दावा है कि उसके पास इस जमीन की रजिस्ट्री है और उसके तहत ही वह इस जमीन पर बिल्डिंग बनवा रहे हैं। बताया जाता है कि इस बिल्डिंग को बनवाने में राजनीतिक दबाव भी डाला जा रहा है जिसमें एक पूर्व पार्षद की भी भूमिका बताई जा रही है। ऐसे में नए नगर निगम कमिश्नर के लिए भी ऐसी एंक्रोचमेंट को रोकना बड़ा चैलेंज होगा, जिसमें स्टाफ की ही शमुलियत बीच में हो।
Fraud-Of-Building-Branch-In-Municipal-Corporation-Zone-D-Map-Is-Passed-On-Green-Belt-In-Dugri-While-Allegations-Of-Encroachment-On-Green-Belt-In-Haibowal-Are-Made