वार्ड नंबर 69 से कांग्रेस उम्मीदवार दीपिका सन्नी भल्ला की वार्ड में पिछले 15 सालों की वर्किंग ने उन्हें मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। पानी- सीवरेज, टीएस वन, बिजली व नगर निगम संबंधित किसी भी तरह की समस्या को तुरंत हल करवाकर देना ही हर बार उनकी जीत का एक बड़ा कारण माना जाता है। यही कारण है कि इस वार्ड से विधानसभा व लोकसभा के नतीजे कुछ भी रहे हों, लेकिन नगर निगम चुनाव के नतीजे दीपिका सन्नी भल्ला के हक में ही रहे हैं। जहां सन्नी भल्ला तीसरी बार इसी वार्ड से नगर निगम चुनाव में उतरे हैं तो वहीं भाजपा से उम्मीदवार बना उतारी गई माला ढांडा और आम आदमी पार्टी से चुनाव मैदान में उतरी परमिंदरजीत कौर पहली बार नगर निगम चुनाव में अपना किस्मत अजमा रहे हैं। नए उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ा चैलेज डोर टू डोर में ही पेश आ रहा है। चुनाव प्रचार को एक सप्ताह से भी कम समय उनके लिए बड़ी चुनौती है और इतने कम समय में वार्ड के घर घर में जा पाना संभव नहीं दिखाई दे रहा। जबकि वोट डालने वाली पब्लिक के दिल में ये हमेशा रहता है कि कैंडीडेट उनके घर के गेट तक आकर उनसे वोट की अपील करे। इस मामले में कांग्रेस की उम्मीदवार दीपिका सन्नी भल्ला अपने दोनों ही प्रतिद्धंदियों से आगे चल रही है। वहीं भाजपा ने इस वार्ड से अपने पुराने उम्मीदवार की बजाय नए महिला चेहरे को चुनाव मैदान में उतारा है। जबकि पुराने उम्मीदवार की ओर से इस बार उक्त वार्ड से खूब मेहनत कर रखी थी, लेकिन उसे टिकट काट कर नए चेहरे को टिकट दे दी गई। अब ऐसे में भाजपा के नए उम्मीदवार के लिए अपनी ही पार्टी के स्थानीय धुरंधरों की नाराजगी भी उनके लिए बड़ा चैलेंज बनी हुई है।
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सन्नी भल्ला अपने वार्ड में रहे हैं फेवरेट
बात करें दीपिका भल्ला के पति गगनदीप सन्नी भल्ला की तो वे अपने वार्ड में हमेशा से फेवरेट रहे हैं। ये कयास नहीं, ब्लकि पिछले दस सालों में नगर निगम के चुनाव नतीजे बताते हैं। असल में नगर निगम का चुनाव पार्टी सिंबल से कहीं अधिक अपने निजी व व्यक्तिगत संबंधों पर लड़ा जाता है। यही कारण है जो अपने वार्ड में निजी संबंधों के चलते फेवरेट रहता है, वार्ड वासी भी उसे नगर निगम चुनाव में पूरा रिवार्ड देते हैं। किचलू नगर से चुनाव मैदान में उतरने वाले उम्मीदवार के साथ हमेशा ही ऐसा हुआ है। बात करें सन्नी भल्ला की तो उन्होंने उसी वार्ड की कमान संभाली जो उन्हें विधायक बनने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने सौंपा था। कमान मिलने के बाद सन्नी भल्ला ने हर बार यहां से जीत हासिल की। भले ही इस वार्ड में भाजपा का सांसद चुनाव में पूरा दबदबा रहता हो, लेकिन निगम चुनाव में सन्नी भल्ला का स्थानीय लोगों में फेवरेट होना आगे रखता है और यही बड़ा कारण उन्हें जीत दिलाता है। इस बार भी भाजपा व आम आदमी पार्टी उम्मीदवार के लिए कांग्रेस उम्मीदवार के गढ़ में सेंध लगाना आसान नहीं दिखाई दे रहा और यही कारण है कि दोनों ही प्रतिद्धंदियों के लिए यहां से जीत आसान नहीं हैं। सन्नी भल्ला ने आज श्री दंडी स्वामी मंदिर पहुंच मंदिर के पंडित जी से अपनी जीत का आशीर्वाद हासिल किया। इस अवसर पर सन्नी भल्ला ने कहा कि उन्होंने दस सालों में दिल से अपने वार्ड को बेहतर बनाने के लिए मेहनत की है और इन सालों में ये जीत केवल स्थानीय निवासियों की बदौलत ही हासिल कर पाया हूं।
Why-is-ward-no-69-congress-candidate-deepika-sunny-bhalla-a-favorite-among-her-voters-know-the-reason