आम आदमी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान की ओर से भ्रष्टाचार रोकने को एक एक्शन प्लान तैयार किया गया है लेकिन यह एक्शन प्लान कैसे कामयाब होगा यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है सीएम की के प्लान मुताबिक हर जिले में करप्शन रोकने को डीसी एसएसपी, एसडीएम और एसएचओ को जिम्मा सौंपा गया। अगर यह अफसर रिश्वत रोकने में कामयाब नहीं होते तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। लेकिन इस पूरे एक्शन प्लान में सबसे सबसे बड़ा पेज विधायक के फीडबैक का है। असल में बड़े-बड़े स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार में मौजूदा सरकार के विधायक व उनके खासमखास की भ्रष्टाचार में भूमिका होने की संभावना 80% तक रहती है। असम में अगर संबंधित विधानसभा के विधायकों का ही फीडबैक इसमें लिया जाता है तो किसी भी डीसी, एसएसपी, एसडीएम, और sho के लिए निष्पक्ष कार्रवाई करना संभव नहीं रहेगा। सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार कर लिया है। सरकार ने जिलों के DC, SSP, SDM व SHO को अपने इलाकों में भ्रष्टाचार रोकने के आदेश भी दिए हैं।अगर वे इसमें सफल नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बात का आकलन आम जनता और विधायकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि इसी फीडबैक के आधार पर अफसरों की ACR लिखी जाएगी। जो अच्छे आफिसर होंगे, उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी। जिनका व्यवहार ठीक नहीं होगा, जो गलत प्रेक्टिस में शामिल होंगे। उनसे निपटने के लिए एक्शन लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इससे लोगों को गुड गवर्नेंस मिलेगी। उन्होंने लोगों से विनती की है वह जनता की मुहिम में सहयोग करें। इससे पहले जनवरी माह में सरकार ने रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में लगे कैमरों को चालू करने के आदेश दिए थे। कैमरों को ठीक करवाने के लिए सात दिन का समय भी दिया था। साथ आदेश में ही कहा था कि अगर कैमरे वर्किंग नहीं मिले तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। इससे पहले सरकार की जांच में पूरे राज्य में तीन कैमरे ही चलते मिले थे।
सरकार पर ही उठने लगे थे सवाल
भ्रष्टाचार के खिलाफ पंजाब सरकार शुरू से ही एक्टिव रही है। इस चीज के संकेत सरकार ने अपने विधायकों के खिलाफ केस दर्ज कर दे दिए थे। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के कई पूर्व मंत्रियों पर भ्रष्टाचार केस के दर्ज किए थे। सरकार ने इस चीज को बड़े स्तर पर कैश भी किया था। लेकिन अदालत में यह केस टिक नहीं पा रहे हैं। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और सुंदर शाम अरोड़ा पर दर्ज भ्रष्टाचार के केस पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिए हैं। ऐसे में सरकार पर भी सवाल उठे रहे हैं। विरोधी सरकार को घेर रहे हैं। इस स्थिति में अब सरकार किसी तरह कोई ढील देने के मूड में नहीं है।
2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी
राज्य में विधानसभा चुनाव में अब दो साल शेष हैं। 2027 में विधानसभा चुनाव तय हैं। दूसरा लोकसभा चुनाव के समय बना इंडिया गठबंधन लगभग खत्म होने की कगार पर है। भले ही यह गठबंधन पंजाब में नहीं था। 2024 में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अलग चुनाव लड़ा था। लेकिन नेशनल स्तर पर हुए गठबंधन के बाद विजिलेंस की तरफ से जिस तरह पहले कांग्रेसी नेताओं को विभिन्न प्रोजेक्टों में पूछताछ के लिए बुलाया जाता था, उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई थी। ऐसे में यह भी बात साफ संकेत है कि पहले चल रही प्रोजेक्टों की जांच तेजी। साथ ही आने वाले दिनों में कई लोग सलाखों के पीछे पहुंचेंगे। इससे सीधे लोगों का दिल जीतने की कोशिश करेगी।
Action-plan-against-corruption-in-punjab-responsibility-of-stopping-corruption-lies-with-dc-and-ssp-action-will-be-taken-on-the-feedback-of-mlas