एक्टिव एंटी क्रप्शन ग्रुप के प्रधान रमेश बांगड़ का नाम एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। सिविल अस्पताल के डाक्टरों को धमकाने के मामले में थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस की ओर से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जाता है कि ये शिकायत एसएमओ की ओर से सिविल अस्पताल पुलिस चौकी को दी गई थी और इसकी शिनाख्त के बाद थाना डिवीजन नंबर दो पुलिस ने ये पर्चा दर्ज किया गया है। पुलिस एफआईआर मुताबिक ये पूरा मामला 16 फरवरी की शाम का बताया जाता है। जहां पर रमेश बांगड़ अमैरजेंसी में किसी के साथ आया और इसके बाद उसने अमरजैसी में डयूटी दे रहे डाक्टरों को धमकाना शुरु कर दिया और इससे सभी डाक्टर सहम गए। पुलिस को दी शिकायत में इस दौरान डयूटी दे रहे डा. अमनप्रीत सिंह, डा. रोहित अत्री व डाक्टर सुमेशा का नाम हैं और इनके बयानों पर ही ये पर्चा दर्ज किया गया है। आपको बता दें जब लुधियाना में परमराज उमरानगल पुलिस कमिश्नर थे, तब रमेश बांगड़ पर धमकाने व जान से मारने की एफआईआर दर्ज हुई थी और तब भी उन्हें जेल जाना पड़ा था। अब फिर से उनका नाम धमकाने में सामने आया है। लेकिन इस बार ये शिकायत सिविल अस्पताल के सरकारी डाक्टरों की ओर से दी गई है।वही इस बारे में जब रमेश बांगर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में दवाईयों को लेकर चल रहे घोटाला मामले में उनकी ओर से विजिलेंस में शिकायत की गई है। जिसके चलते उन पर दबाव बनाने को यह fir डॉक्टरों की ओर से दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि 16 फरवरी की शाम को मैं एक एक्सीडेंट में बुरी तरह से घायल रिटायर्ड फौजी को पुलिस के साथ सिविल हॉस्पिटल लेकर आया था। लेकिन वहां पर मौके में उन्हें कोई डॉक्टर नहीं मिला लेकिन हॉस्पिटल के डॉक्टरों की ओर से और ही कहानी बनाकर उन पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है।
Fir-against-ramesh-bangar-for-threatening-doctors-in-civil-hospital