लुधियाना। लुधियाना के नगर निगम में एसई संजय कंवर के पकड़े जाने के बाद लगातार यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में विजिलेंस का ऐक्शन सिर्फ़ एसई संजय कंवर तक सीमित रह गया और ना ही विजिलेंस एसई के बड़े साहब का नाम सामने ला सकी। विजिलेंस ने मामला आधा अधूरा ही छोड़ दिया। लेकिन एसई की वायरल हुई ऑडियो में इस कमीशन स्कैम में कई बड़े अधिकारियों की तरफ़ इशारा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जल्द इस मामले में ईडी ऐक्शन ले सकती है। क्यूँकि विजिलेंस के ऐक्शन के बाद उन मामलों में ईडी द्वारा ज़रूर दस्तक दी जाती है। जिसके चलते जल्द इस मामले में भी ईडी ऐक्शन ले सकती है। अब यह देखना होगा कि क्या एसई संजय कंवर के बड़े साहब ईडी से कैसे बच सकेंगे। क्यूँकि चर्चा है की विजिलेंस स्टेट की होने के चलते सिफ़ारिशों के दबाव पर बचाव कर लिया गया, लेकिन ईडी से बचना मुश्किल है। ईडी इस कमीशन स्कैम में बड़ा खुलासा कर सकती है।
सरकारी फंड घोटाले में ईडी देती है खासतौर पर दस्तक
जानकारी के अनुसार जिन मामलों में सरकारी फंड का घोटाला किया हो, उन मामलों में ईडी द्वारा खासतौर पर जांच कर एक्शन लिया जाता है। रही बात संजय कंवर और उनके बड़े साहब की तो सूत्रों के अनुसार उनकी तरफ से स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट में स्कैम किया है। जबकि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। जिसके चलते इस मामले में ईडी जरुर दबिश दे सकती है।
मान सरकार द्वारा आईएएस लॉबी पर हाथ डालना मुश्किल
सूत्रों के अनुसार एसई संजय कंवर की और से विजिलेंस जांच के दौरान एक आईएएस अधिकारी का नाम लिया गया था। लेकिन विजिलेंस द्वारा बड़े अधिकारी होने के चलते मामले में कार्रवाई नहीं की। जबकि मान सरकार भी आईएएस लॉबी पर हाथ डालने से गुरेज कर रही है। लेकिन ईडी को किसी भी तरह की कोई बंदीश नहीं है। जिसके चलते ईडी अगर मामले में कार्रवाई करती है तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार एसई संजय कंवर की विजिलेंस विभाग में अच्छी सेटिंग है, जिसके चलतेकमीशन का स्कैम एसई तक ही सीमित रह गया। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस को एसई के घोटालों के बारे में तीन महीने पहले ही पता चल गया था। लेकिन इनकी आपसी सेटिंग चलती रही। मगर जब मामला चंडीगढ़ तक पहुंचा तो विजिलेंस के उच्च अधिकारियों ने मामले में शमुलियत की। उन्होंने मामले में तुरंत एक्शन लेने को कहा। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।
क्या विजिलेंस को मिलती थी हिस्सेदारी
सूत्रों के अनुसार शहर में चर्चा बनी हुई है कि क्या एसई संजय कंवर के इन घोटालों में विजिलेंस अफसरों को भी हिस्सेदारी जाती थी। चर्चा है कि एसई संजय कंवर के घोटालों के मामलें लगातार सामने आ रहे थे। लेकिन फिर भी विजिलेंस ने कार्रवाई नहीं की। मगर जब एसई की ऑडियो वायरल हुई और उच्च अधिकारियों ने आदेश दिए तो जाकर कार्रवाई हो सकी। सूत्रों के अनुसार चंडीगढ़ बैठे उच्च अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि विजिलेंस के किस अधिकारी की मिलीभगत थी, जिस कारण कार्रवाई को रोका जा रहा था।
Ed-may-soon-knock-on-the-door-in-the-corporation-commission-scam-se-sanjay-kanwar-and-the-big-boss-have-escaped-from-vigilance-but-how-will-they-be-saved-from-ed