लुधियाना में आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत गोगी आज एक नई तरह की नाजीर पेश करते दिखाई दिए। उन्होंने आज बुड्ढा नाला की कायाकल्प को करीब 650 करोड़ रुपए की लागत के प्रोजेक्ट को लगाए अपने ही नाम के नींव पत्थर को हथौड़ों से तुड़वा डाला। इस दौरान उन्होंने बताया कि वे इस प्रोजेक्ट में अफसरों की कारगुजारी व बुड्ढा नाला में बढ़ रहे पॉल्यूशन से नाखुश है, इसके चलते उन्होंने ये पत्थर आज तुड़वा डाला। ये पत्थर अब उनके नाम पर धब्बा बन रहा था गोगी ने कहा कि पीपीसीबी व सीवरेज बोर्ड के अफसर अपनी लापरवाही छिपा रहे हैं। इस पूरे एपिसोड़ को नाजीर इसलिए कहेंगे क्यों कि अक्सर रुलिंग सरकार के नेता पूर्व सरकार के कार्यकाल में लगाए विधायकों व मंत्रियों के पत्थर हटाती आई है, लेकिन आम आदमी पार्टी के इस विधायक ने अपने मौजूदा कार्यकाल में ही अपने नाम का पत्थर हथौड़ों से तुड़वा डाला। गोगी ने साफ शब्दों में कहा कि इस प्रोजेक्ट पर 650 करोड़ रुपए नाले को पॉल्यूशन मुक्त बनाने के लिए लगाया गया था, लेकिन आज भी ये नाला वैसे का वैसा है और नाले के पानी से सतलुज का पानी मैला हो रहा है। जिससे इस पानी को पीने से कैंसर जैसी बीमारियों लोगों में बंट रही है। ऐसे में जब ये नाला साफ नहीं हुआ तो इस नींव पत्थर को लगे रहने से मेरे नाम काे धब्बा लग रहा है। उन्होंने कहा कि पीपीसीबी के अफसर बलिपुर में नाले से सतलुज में मिलने वाले आउटपुट मीटर पर रोजाना बीओड़ी व सीओडी का लेवल देख रहे हैं, जो सामान्य से कई गुना अधिक है, लेकिन इसके बावजूद ये अफसर कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। विधायक गोगी के इस बोल्ड स्टैप से एक बात साफ है कि अफसर उनकी सुनवाई नहीं कर रहे। लेकिन ऐसे में जनता अब सवाल कर रही है कि अगर विधायक ही इस तरह से अपने खन्नस पत्थर तोड़ कर निकालने लगेंगे तो ये नाला कौन साफ करवाएगा। ---------- बुड्ढा नाला अफसरों के लिए बना सोने की खान अगर सही शब्दों में बात करें तो बुड्ढा नाला अफसरों के लिए सोने की खान बन चुका है। नाले का पानी काले से काला होता जा रहा है, लेकिन इस नाले से संबंधित अफसरों घर सोने से भरते जा रहे हैं। इस बात आप इस तरह समझिये कि नाले में इंडस्ट्री के गिराने वाले डिस्चार्ज के एवज में पीपीसीबी के अफसर इंडस्ट्री को डंडा दिखाकर लाखों रुपए अपनी जेब में डकार रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इस नाले की सफाई व इस प्रोजेक्ट के नाम पर सीवरेज बोर्ड के अफसर लाखों रुपए की कमीशनें जेब में ड़ाल रहे हैं। इतना ही नहीं निगम हर साल तीन करोड़ के आसपास नाला सफाई पर खर्च करती है। वहीं करोड़ों की लागत से लगे एसटीपी व सीईटीपी भी नाले के पानी को दरिया में तबदील नहीं कर पाए हैं। --------- गोगी ने कहा कि बुड्ढा दरिया की सफाई करने में पॉल्यूशन बोर्ड और सीवरेज बोर्ड के अधिकारी बुरी तरह नाकाम है। गोगी ने कहा कि आज ये नींव पत्थर इसलिए तोड़ा गया है कि ये पत्थर उनके नाम को कलंकित कर रहा है क्योंकि बुड्ढा दरिया साफ नहीं हो रहा। अधिकारी सरकार का अक्स खराब कर रहे हैं। गोगी ने कहा कि खेतों में भी गंदा पानी जा रहा है। पशु भी बुड्ढा दरिया का गंदा पानी पी रहे है। आज भरे मन से अपने हाथों से लगाया नींव पत्थर तोड़ना पड़ रहा है। गोगी ने कहा कि ये नींव पत्थर इसलिए लगाया था कि मन में सोच थी कि शहर में विकास कार्य करवाने है लेकिन अधिकारी कोई काम करने को तैयार नहीं है। शहर के लोगों में विधायकों और सरकार की छवि को अफसरशाही खराब करने पर उतारु हो चुकी है।
Mla-gogi-broke-the-foundation-stone-of-his-name-perhaps-now-the-budha-river-will-not-be-clean-even-the-politicians-are-helpless