इल्लीगल बिल्डिंग बनवाने में नगर निगम के बिल्डिंग अफसरों को अपनी नौकरी तक की कोई परवाह नहीं हैं। पहले गांधी नगर के बाहर बनी लडडू की आठ मंजिला बिल्डिंग तो अब नगर निगम ए जोन में ही शिवपुरी चाैक के पास नियमों को ताक में रख बनी बिल्डिंग पर कार्रवाई करने की बजाय बिल्डिंग अफसर पूरी तरह मेहरबान हैं। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हो कि शिवपुरी चौक पर शराब के ठेके साथ बन रही ये बिल्डिंग बाइपास रोड के ऊपर है और नियमों के तहत ये बिल्डिंग साढे़ 16 फुट छोड़ कर बननी चाहिए थी। लेकिन निगम एटीपी व बिल्डिंग इंस्पेक्टर से मोटी सेटिंग के चलते बाइपास की गाइड़लाइन को किनारे कर न तो साढे़ 16 फुट का फ्रंट छोड़ा गया और न ही इसमें फ्रंट पार्किंग की ही व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि इस बिल्डिंग का नक्शा भी पास नहीं करवाया गया और ढाई मंजिल से ऊपर डेढ़ से दो मंजिलां अधिक नाजायज हिससा बनवा दिया गया। इस पूरे ब्लॉक की देखरेख करने वाली महिला बिल्डिंग अफसर ने भी बिल्डिंग मालिक को साढे़ 16 फुट हिस्सा छोड़ने को नहीं कहा और बिल्डिंग बनाने के लिए चालान काटकर कंस्ट्रक्शन जारी रखने का लाईसेंस दे दिया। अवमूमन बिल्डिंग इंस्पेक्टर व एटीपी बिना सेटिंग ऐसी कंस्ट्रक्शन जो कल उनकी नौकरी पर सवाल खडे़ कर दे, उस पर अपनी सहमति नहीं देते, लेकिन जब बात सेटिंग की हो तो ये अफसर अपनी नौकरी की भी परवाह नहीं करते। बड़ी बात है कि कल इल्लीगल बिल्डिंग के मुददे पर ई न्यूज पंजाब की निगम कमिश्नर संदीप ऋषि से विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने माना कि इल्लीगल बिल्डिंग बनवाने में उनके अफसर जिम्मेदार हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई को काेई बाहर का कमिश्नर करेगा, या अभी शायद वे सरकार के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
सुनिये एटीपी मंदीप बेदी क्या कहते हैं इस बिल्डिंग की फेवर में
जब इस संबंधी जोन ए के एटीपी मदनजीत बेदी से इस बिल्डिंग संबंधी बात की गई तो उन्होंने ये तो माना की बिल्डिंग किसी नेता की है, लेकिन इसे बनाने में क्या क्या खामियों को नजरअंदाज किया गया, उस बारे में वे उन्होंने कुछ नहीं बताया। जब इस बारे में उनसे वीरवार शाम को बात हुई तो उन्होंने कहा था कि इस बिल्डिंग मालिक को करीब छह लाख से अधिक का मीमो जारी करना है। वहीं आज जब उनसे बात हुई तो वे बोले की मीमो जारी कर दिया है और बिल्डिंग मालिक अगले मंगलवार बनती राशि जमा करवाने की सहमति दे चुका है। लेकिन बड़ृी बात ये है कि इस बिल्डिंग नॉन कंस्ट्रक्शन एरिया व नॉन कंपाउंड एरिया के लिए बिल्डिंग ब्रांच क्या कर रही इस बारे में वे कुछ नहीं बोले। बड़ी बात है कि अगले कुछ ही महीने में एटीपी बेदी निगम से सेवानिवृत होने वाले हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई डर अपनी कारगुजारी से नहीं हैं।
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