फूड एंड सप्लाई में बहु करोड़ी ट्रांसपोर्ट टेंडर घाेटाले में जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के लिए कोई भी राहत की खबर नहीं आती दिख रही है। आशू खेमे को संभावना था कि जल्द आशू को इस मामले में कोर्ट से बेल मिल जाएगी, लेकिन कोर्ट ने एक आदेश जारी कर आशू की मुश्किलों में ओर इजाफा कर दिया है। ईडी की ओर से इस घोटाले में कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के तहत कोर्ट ने 29 आरोपियों को सम्मन जारी कर दिए हैं। ये आदेश न्यायालय (पी.एम.एल.ए. जालंधर) स्पैशल जज डी. पी. सिंगला द्वारा पारित किए गए हैं। आशू की बेल याचिका कोर्ट से रिजेक्ट होने के बाद उनकी ओर से दोबारा अपनी बेल लगाई गई है, लेकिन अब इन आरोपियों को जारी सम्मन पर उनकी पेशी व पूछताछ के बाद ही आशू को कोर्ट से राहत मिल पाने की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में दीवाली से पहले आशू को बेल मिलने की संभावनाएं बेहद कम हो गई हैं और अबकी बार भी उन्हें दीवाली जेल में माननी पड़ सकती है। विजिलेंस इस मामले में अदालत में चालान भी पेश कर चुकी है। इसके बाद इस मामले से जुड़े दस्तावेज ई.डी. ने मांगे थे और अपने स्तर पर जांच शुरू की।
ई.डी. इस मामले में पिछले साल अगस्त में भरत भूषण आशु और उनके साथियों के ठिकानों पर भी छापामारी कर चुकी है। जबकि इस वर्ष अगस्त के महीने की शुरूआत में सबूत उनके खिलाफ होने के कारण आशु को ई डी द्वारा गिरफ्तार कर लिया और तबसे अभी तक आशु जेल में ही है। इन 29 दोषियों के खिलाफ कोर्ट ने सम्मन पारित कर दिए है, जिन्हें अब उक्त मामले में अपनी बेकसूरी के सबूत पेश करने होंगे। अगर ये आरोपी अपनी ईमानदारी के सबूत नहीं दे पाते तो उन्हें भी कोर्ट के आदेशों पर अरेस्ट किया जा सकता है। जिसमें राजदीप सिंह, फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के मुख्य अफसर राकेश कुमार सिंगला, आशू के अन आफिशियल पीए मीनू मल्होत्रा, अमित आशीष शर्मा, एजेंट तेलू राम, डीएफएससी हरलीन कौर, पंकज मल्होत्रा सहित भटिंड़ा, मोहाली, सहित अन्य जिलों में रहने वाले आरोपियों के नाम शामिल हैं।
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