डाइंगों से बुड्डा दरिया कितना पोल्यूटिड हो रहा है, इसको लेकर आज ताजपुर रोड़ से लेकर बुडढ़ा दरिया के बलिपुर गांव स्थित आखिरी प्वाइंट पर 12 के करीब सैंपल लिए गए। बड़ी बात है कि दिन पहले पीपीसीबी ने तब दरिया के सैंपल लिए थे, जब शहर की सभी डाइंग यूनिट चल रही थी और आज तब लिए गए हैं, जब शहर के सभी डाइंग यूनिट 36 घंटे के लिए बंद रखे गए हैं। इन सैंपलिंग से ये जरुर साफ हो जाएगा कि डाइंग इंडस्ट्री से दरिया का कितना पानी पोल्यूटिड हो रहा है। इस सैंपलिंग दौरान पीपीसीबी, नगर निगम व सीवरेज बोर्ड के एसडीओ स्तर का स्टाफ मौजूद था। जब की डाइंग एसोसिएशनों से ताजपुर रोड डाइंग एसोसिएशन से बॉवी जिंदल, फोकल प्वाइंट डाइंग एसोसिएशन से राहुल वर्मा और बहादुर के रोड से तरुण जैन बावा मौजूद रहे। आज उक्त टीम ने सुबह करीब 11 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक ये सैंंपल भरे। बड़ी बात है कि बुडढ़ा दरिया के पोल्यूशन को लेकर सभी एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते आए हैं। जहां नगर निगम इस पोल्यूशन के लिए डाइंग इंडस्ट्री को तो वहीं डाइंग यूनिट एसोसिएशनों का कहना है कि इंडस्ट्री अपने बलबूते पर सीईटीपी लगा चुकी है और अब ट्रीटेड पानी ही दरिया में गिराया जाता है। ऐसे में अब दरिया में निगम की ओर से गिराए जाने वाले रिहायशी डिस्चार्ज के चलते ये पाल्यूशन हो रहा है। पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ ने कहा कि रिपोर्ट के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
डाइंग इंडस्ट्री बंद, लेकिन इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री का क्या
बुडढ़ा दरिया में पोल्यूशन के लिए केवल डाइंग इंडस्ट्री ही जिम्मेदार नहीं, इसमें अहम भूमिका इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री की भी है। समय समय पर दरिया में पीपीसीबी की ओर से करवाई जाने वाल सैंपलिंग में ऐसे मैटल की मात्रा अधिक आती रही है, जिनका अधिक इस्तेमाल इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री करती है और यही मैटल इस पानी को पीने व जल जीवों के लिए घातक साबित होते हैं। भले ही आज पीपीसीबी ने डाइंग इंडस्ट्री को बंद कर ये सैंपलिंग करवा ली है, लेकिन इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री की ओर से आज बंद की कोई कॉल नहीं थी। हालांकि इलेक्ट्रोप्लेटिंग के रंगदार डिस्चार्ज का जिम्मा पीपीसीबी की ओर से जेबीआर कंपनी को दिया गया है और ये कंपनी ही इलेक्ट्रोप्लेटिंग इंडस्ट्री से पानी उठाकर ट्रीट करती है।
Sampling-Was-Done-In-Budha-Dariya-During-Dyeing-Operation-A-Day-Before-And-Today-Samples-Were-Taken-During-The-Closure-Of-Dyeing-Industry