उत्तराखंड, 16 जुलाई, 2025
उत्तराखंड के स्कूलों में बच्चों के पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किए जाएँगे। इसके लिए एक निर्देश जारी किया गया है। अब से स्कूलों में भगवद् गीता और रामायण भी पढ़ाई जाएगी। यह जानकारी उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने दी है। उन्होंने बताया कि ये निर्देश लगभग 17,000 सरकारी स्कूलों के लिए जारी किए गए हैं। इसके अलावा, छात्र सुबह की प्रार्थना के दौरान श्लोकों का पाठ करेंगे।
उत्तराखंड के स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव का जिम्मा एनसीईआरटी को दिया गया है। इसके लिए शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ एक बैठक भी की है। इस बैठक में पाठ्यक्रम में बदलाव की ज़िम्मेदारी एनसीईआरटी को दी गई है। 17,000 सरकारी स्कूलों में भगवद् गीता और रामायण का नया पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि सुबह की प्रार्थना में धार्मिक ग्रंथों के श्लोकों का भी पाठ किया जाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि ‘बच्चे और उनके माता-पिता इसे बहुत पसंद कर रहे हैं।’ मैंने इस बारे में कई लोगों की प्रतिक्रियाएं देखी हैं जो काफी अच्छी हैं।
'वीणा' में होगी गंगा की कहानी
कल एनसीईआरटी द्वारा 'वीणा' नामक एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इसमें गंगा की कहानी के बारे में भी एक पाठ दिया गया है। वाराणसी, पटना, कानपुर और हरिद्वार जैसे शहरों का ज़िक्र किया गया है। इसमें कुंभ मेले का भी ज़िक्र है। इसके अलावा, एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में मुगलों के इतिहास के बारे में भी बताया है। साथ ही, एक सलाह यह भी दी गई है कि इतिहास में मुगलों ने जो किया उसके लिए आज किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
Ramayana-And-Gita-To-Be-Taught-In-Schools-Circular-Issued-For-Inclusion-In-Curriculum