धार्मिंक भावनाओं को आहत करने के मामले में आज फिर से लुधियाना का माहौल गर्माता दिखाई दे रहा है। सिख की भावनाओं को आहत करने के मामले में जहां सिख संगठनों की ओर से समराला चौक पर जाम लगाकर विहिप नेता व आरोपी अनिल अरोड़ा की गिरफतारी को लेकर जमकर हंगामा किया गया था। आज उक्त मामले में पुलिस कमिश्नरेट की ओर से अनिल अरोड़ा की गिरफतार करने में मदद करने या उक्त नेता संबंधी जानकारी देने वाले को एक लाख रुपए के ईनाम की घोषणा कर दी। पुलिस की ओर से जारी किए गए इस अलर्ट पर एसीपी सेंट्रल व थाना डिवीजन नंबर तीन एसएचओ के मोबाइल नंबर भी साथ जारी किए गए हैं। जबकि वहीं दूसरी ओर बीते दिनों एक अखबार के मालिक व एडिटर इन चीफ जसपाल हेरां की ओर से हिंदूओं धर्म की गई बेअदबी मामले में महादेव सेवा दल विधानसभा पूर्वी के अध्यक्ष चेतन बवेजा ने मोर्चा खोल दिया है। चेतन बवेजा ने लुधियाना पुलिस पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के एक जैसे दर्ज दो मामलो में वांछित दो आरोपियो को हिन्दू-सिख समुदाय में बांट कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दो तरह के मापदंड अपनाने के आरोप लगाए। वहीं बवेजा ने पुलिस की तरफ से हिन्दू समदाय से संबधित आरोपी अनिल अरोड़ा की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा का इश्तिहार जारी करने पर पलटवार करते हुए कहा कि महादेव सेवा दल हिन्दू धर्म की भावनाएं आहत करने के दर्ज मामले में वांछित आरोपी जसपाल सिंह हेरां को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारी को दो लाख रुपये की राशि इनाम के रुप में देगा। उन्होने कहा कि लुधियाना पुलिस की तरफ से हिन्दू शख्स की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा से ऐसा प्रतीत होता है कि अनिल अरोड़ा पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का नहीं बल्कि पेशेवर मुजरिम होने का मामला दर्ज हो। वही दूसरी तरफ सिख समुदाय से संबधित शख्स की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास तक नहीं किए। हैरानी की बात है कि हिन्दू धर्म की भावनाएं आहत करने वाले जसपाल सिंह हेरा पर पहरेदार अखबार में प्रकाशित खबर के सबूतो के आधार पर जगराओं पुलिस स्टेशन में 9-10-20021 को आईपीसी की धारा 295-ए के तहत मामला दर्ज करने के बावजूद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास तक नहीं किए वहीं सिख धर्म की भावनाएं आहत करने के आरोपी अनिल अरोड़ा पर पुलिस ने उसकी आवाज की बिना किसी फारेंसिक जांच के आनन फानन में आईपीसी की धारा 295-ए के साथ साथ दंगे फसाद करने की साजिश रचने के आरोप लगा 153-ए के तहत दर्ज मामले में उसकी सूचना देने वाले शख्स को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा भी एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए कर दी। उन्होने कहा कि अगर अनिल अरोड़ा पर धार्मिक भावानएं आहत करने के साथ साथ दंगे फसाद करने की धाराओ के तहत मामला दर्ज हो सकता है तो दूसरे आरोपी जसपाल हेरां पर 295-ए के साथ साथ 153-ए क्यों नहीं लगाई गई।
The Matter Of Sacrilege In Hinduism And Sikhism Heated Up