इंकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से लुधियाना में करीब आधा दर्जन साइकिल कंपनियों पर की छापेमारी मामले में आखिर क्या निकला, इसका खुलासा कर दिया गया है। करीब तीन दिनों तक चली इस छापमारी में डिपार्टमेंट को करीब 150 करोड़ रुपए की बेहिसाबी आय हाथ लगी है। इसके अलावा इस छापमारी में बेहिसाबी करोड़ों रुपए का सोना, प्रॉपर्टी दस्तावेज और कैश राशि भी मिला है। इसके साथ साथ एक विदेश भेजने वाली कंपनी जिसका सेंटर जालंधर में बताया जाता है, से भी 40 करोड़ रुपए की बेहिसाबी आय मिलना का खुलासा आज वित्त मंत्रालय की ओर से जारी की जानकारी में किया गया है। आयकर विभाग ने छापेमारी में 190 करोड़ रुपये की बेहिसाब आय का पता लगाया, जिसमें से 150 करोड़ रुपये साइकिल कंपनियों से बरामद किए जाने की बात कही जा रही है। मंगलवार को जारी एक बयान में, वित्त मंत्रालय ने कहा: "आईटी विभाग ने पंजाब में स्थित दो समूहों के मामलों में सर्च व और जब्ती अभियान चलाया। पहले समूह जिसमें साइकिल इंडस्ट्री शामिल थीं, के मामले में तलाशी कार्रवाई 21 अक्टूबर, 2021 को शुरू की गई थी। यह समूह साइकिल व्यवसाय में लगा हुआ है और यह समूह की संस्थाओं के भीतर फर्जी इंट्रा-ग्रुप लेनदेन दिखाकर आय को छुपाने में शामिल पाया गया है। इस कंपनी को नकद में बिक्री का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त करने में भी शामिल पाया गया था और इस प्रकार कारोबार की टर्नओवर को कम बता रहा था। जब्त किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि एक कंपनी की संस्था द्वारा लगभग 90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष के कारोबार का छिपा रही थी। स्क्रैप की अघोषित बिक्री से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। तलाशी में समूह के सदस्यों द्वारा अचल संपत्तियों में अघोषित निवेश का भी पता चला है। इस तलाशी कार्रवाई में करीब 150 करोड़ रुपए की बेहिसाब आय का पता चला है। तलाशी कार्रवाई में 2.2 करोड़ रुपए की बेहिसाबी नकदी बरामद हुई है। इस कंपनी में 5 करोड़ रुपये और 2 करोड़ रुपये का बेहिसाबी सोना जब्त किया गया है। ---------- स्टड़ी के बेस पर विदेश भेजने वाली इंमीग्रेशन कंपनी ने सबको चौंकाया जालंधर बेस एक इमीग्रेशन कंपनी ने सबको चौका कर रख दिया है। इस कंपनी पर इंकम टैक्स ने 18 अक्टूबर को छापमारी की और इसमें करोड़ों रुपए की बेहिसाब आमदन पकड़ में आई हैं। मंत्रालय के बयान के अनुसार: छापमारी कार्रवाई से पता चला है कि स्टूडेंट या व्यक्ति ने जिस देश में जाना होता था, उस लिहाज से ये कंपनी प्रति छात्र 10 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच का पैकेज लेता था। कंपनी ने पिछले 5 वर्षों में कुल 200 करोड़ रुपये से अधिक नकद प्राप्त किया। छापमारी में ये पाया गया कि कर्मचारियों के बैंक खातों का उपयोग धन प्राप्त करने के लिए किया जाता था। नकद में आने वाली राशि को को कभी इंकम टैक्स रिटर्न में नहीं दिखाया जाता था। समूह के सदस्यों द्वारा केवल विदेशी विश्वविद्यालयों से प्राप्त कमीशन को आयकर रिटर्न में प्राप्तियों के रूप में दिखाया जाता रहा। तलाशी कार्रवाई से लगभग की बेहिसाब आय का पता चला है जो कि 40 करोड़ रुपये के आसपास है। जबकि तलाशी कार्रवाई में 20 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी और 33 लाख रुपये के बेहिसाब आभूषण भी जब्त किए गए हैं।
Income Tax Got Unaccounted Income Of 150 Crores From Cycle Companies