जहां इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अपने करोड़ों रुपए की कीमत वाली सरकारी जमीन को खाली नहीं करवा पा रहा, वहीं अब लुधियाना ट्रस्ट के पूर्व ईओ हरिंदर चहल से सरकारी फलैट का कब्जा खाली करवाने को पुलिस कमिश्नरेट से पुलिस मांगी है। बड़ी बात है कि ईओ हरिंदर चहल का इस फलैट पर कोई कब्जा नहीं है, ब्लकि वे इसका सरकारी रेंट भी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को अदा करते हैं, लेकिन ट्रस्ट उन्हें लुधियाना में तैनात न होने काे कारण बना इस फलैट को खाली करवाने की जी तोड़ कोशिश में जुटा हुआ है। पिछले करीब एक महीने से इंप्रूवमेंट की इंजीनियरिंग विंग उनसे कोठी खाली करवाने को नोटिस जारी कर रही है और इन नोटिसों के एवज में उनकी ओर से मार्केट रेट पर इस फलैट का रेंट अदा करने की गुहार भी ट्रस्ट से लगाई है। गौर हो कि हरिंदर चहल अब खन्ना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट बतौर ईओ तैनात हैं और उनके लुधियाना रीजन के भीतर होने के चलते उनसे ये फलैट खाली करवाने में नियमों का अडंगा भी आगे चलकर पेश आ सकता है। गौर हो कि आत्म नगर में एक डीएसपी की ओर से करीब एक एकड़ में बनी सरकारी कोठी पर पिछले कईं सालों से दबाए हुए हैं और ये कोठी अब तक खाली नहीं हो पाई है। जबकि ये अफसर लुधियाना जिले से कहीं बाहर तैनात है। बड़ी बात है कि इस कोठी का सरकारी रेंट तक भी उक्त डीएसपी की ओर से अदा नहीं किया जा रहा और बताया जाता है कि अब ये मामला कोर्ट में चला गया है। बताया जाता है कि चहल से फलैट खाली करवाने के लिए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमण बाला सुब्रामनियम अडे़ हुए हैं और इसके पीछे अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व मेयर (जिन्हें ताजा जाता नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से हटाया गया है) से तार जुड़े होने की वजह तो बताई जा रही है, लेकिन साथ साथ बीते करीब एक महीने पहले अकाली नेता एडवोकेट हरीश राय ढांड़ा व कमल चेतली की ओर से एक निजी होटल में की गई प्रेसवार्ता में जिन दस्तावेजों के आधार पर चेयरमैन पर निशाने साध प्रेसवार्ता हुई, उसका संपर्क भी चहल से ही जोड़ कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि लुधियाना ट्रस्ट की ईओ कुलजीत कौर की ओर से इस फलैट को खाली करवाने के लिए फोर्स मांगी गई हैं। ----- फलैट खाली करवाने की इन बड़ी वजह की चर्चा जोरों पर बात करें इस फलैट को खाली करवाने की तो ट्रस्ट में इस बात की चर्चा है कि अमृतसर के पूर्व चेयरमैन की ओर से आक्शन में कोई सरकारी प्लॉट कम बोली पर उठाया गया था, लेकिन तब वहां तैनात ईओ हरिंदर सिंह चहल की ओर से इस बोली पर कम रेट का कमेंट करने के चलते सरकार ने ये बोली रदद कर दी थी। जिसके बाद से स्थानीय चेयरमैन व ईओ के बीच विवाद शुरु हो गया था। बताया जाता है कि अमृतसर ट्रस्ट से हटाए गए चेयरमैन व लुधियाना ट्रस्ट के चेयरमैन की बड़ी नजदीकी है और इसके चलते चहल को निशाने पर लिया जा रहा है। वहीं एक महीने पहले अकाली नेता एडवोकेट हरीश राय ढांड़ा व कमल चेतली की ओर से एक निजी होटल में की गई प्रेसवार्ता में जिन दस्तावेजों के आधार पर चेयरमैन पर निशाने साधे गए थे, वे भी चहल की ओर से अकाली नेताओं को प्रोवाइड़ करने की भी खूब चर्चा तब चली थी। जबकि हरिंदर चहल के बच्चे लुधियाना स्कूल में ही पढ़ते हैं
Now The Improvement Trust Asked The Police To Vacate The Flat From The Former Eo