आम आदमी पार्टी की सरकार ने एकाएक पंजाब में बड़ा फेरबदल करते हुए पंजाब के मुख्य सचिव व डीजीपी पंजाब के पदों पर नए अधिकारी नियुक्त कर डालें हैं। सूत्रों का कहना है कि इसका बड़ा कारण पंजाब में पिछले करीब एक महीने से लगातार बिगड़ता चला जा रहा लॉ एंड आर्डर है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाल की गोलियों से निर्मम हत्या और इसके बाद भी पंजाब के किसी न किसी हिस्से में लूटपाट और गोली चलने जैसे मामले आम हो गए थे और इसे लेकर पंजाब के राजनीतिक नेताओं के साथ बाहरी राज्यों से भी आम आदमी पार्टी की सरकार पर लॉ एंड आर्डर न संभाल पाने के अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। यही कारण है कि पहले पंजाब के डीजीपी वीके भंवरा के लंबे छुटटी पर जाने की बात के साथ 1992 बैंच के आईपीएस गौरव यादव को पंजाब के डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया और इसके साथ पंजाब के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी को हटा कर 1989 बैंच आईएएस वीके जंजुआ को इस पद पर बिठा दिया गया है। इतना ही नहीं आज में एसीपी व डीएसपी स्तर पर भी बडे़ तबादले देखने को मिले हैं। इसके साथ साथ पंजाब में लगातार पिछले कुछ दिनों से खालिस्तान जैसे शब्द का भी शोरगुल लगातार सुनने में आ रहा है और आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद इस शब्द ने हर पंजाबी के दिल की बैचेनी को बढ़ा दिया है। ऐसे नारों से आम पब्लिक ये सोचने को भी मजबूर हो रही है कि पंजाब जा किस दिशा में रहा है।
Should The Chief Secretary And Dgp Change In View Of The Deteriorating Law And Order Of Punjab