चालान न काटने के एवज में ट्रांसपोर्टरों से मंथली वसूलने वाले आरटीए नरेंद्र सिंह धालीवाल को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। लुधियाना का रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस बड़े भ्रष्टाचार और गड़बड़झाला का केंद्र रहा है। यहां वाहनों की एनओसी, लाइसेंस, लाइसेंस रिन्यूअल, वीआईपी नंबर की अलॉटमेंट, वाहनों के चालान से लेकर कई तरह के कामों में हर महीने लाखों रुपए की रिश्वत एकत्र की जाती है।विजिलेंस ने नरेंद्र सिंह धालीवाल को ट्रांसपोर्टरों से हर महीने 6.90 लाख रुपए एकत्र करने के मामले में अरेस्ट किया है । विजिलेंस पुलिस रिमांड में धालीवाल ये भी खुलासा कर सकता है कि उसे और किस-किस सेक्शन से कितने रूपों की मंथली रिश्वत आती थी और इस पूरे घोटाले में डिपार्टमेंट का कौन-कौन सा अफसर मिला हुआ है, इसका भी खुलासा होने की संभावना है। आज विजिलेंस की ओर से नरेंद्र सिंह धालीवाल को जुडिशयल मैजिस्ट्रेट राज किरण की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया । विजिलेंस का कहना था कि उन्हें आरोपी से इस पूरे मामले में काफी जानकारियां जुटानी है कि धालीवाल किन-किन ट्रांसपोर्टरों से कितने कितने पैसे वसूलता था और उसके बाद यह पैसा किन-किन अधिकारियों में आगे बढ़ जाता था। बड़ी बात है कि यूपी पीसीएस अधिकारी नरेंद्र सिंह धालीवाल एडीसी के पद पर भी तैनात रह चुके हैं।
Rta Narender Singh Dhaliwal On Three Days Police Remand