जालंधर। शहर की सीमा में हर प्रकार का कारोबार, व्यापार करने के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना जरूरी है जिसकी फीस बहुत ही मामूली है परंतु शहर के हजारों दुकानदार, व्यापारी और कारोबारी इस लाइसेंस फीस की चोरी कर रहे हैं जो अब जल्द ही निगम की पकड़ में आ जाएंगे। गौरतलब है कि निगम ने लाइसेंस शाखा के कामकाज को रिव्यू करते हुए जहां अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, वही जी.एस.टी. विभाग की ओर से नंबरों से संबंधित रिकार्ड भी मंगवा लिया गया है जिसका लाइसेंस शाखा से मिलान शुरू कर दिया गया है। अब जल्द ही जी.एस.टी. नंबर लेने वाले व्यापारियों, कारोबारियों को निगम की ओर से नोटिस भेजकर लाइसेंस फीस जमा करवाने को कहा जाएगा। ऐसा न करने वालों पर सख्ती भी होगी। लाइसेंस ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट हरप्रीत सिंह वालिया कहते हैं कि लाइसेंस फीस को भी रिव्यू किया जा रहा है और लुधियाना, मोहाली तथा अन्य शहरों से उनके यहां लागू रेट मंगवा लिए गए हैं। आने वाले दिनों में ही शहर का सर्वे करके लाइसेंस फीस न चुकाने वालों पर सख्ती भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि लाइसेंस ब्रांच के कामकाज को कम्प्यूटरीकृत करने का काम भी शुरू कर दिया गया है और जल्द ही सारा रिकार्ड भी ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इस रिकॉर्ड को यू.आई.डी. नंबरों से जोड़ना भी विचाराधीन है और शाखा के कर्मचारियों को हर दुकानदार की अलग आई.डी. बनाने को भी कहा गया है ताकि हर साल लाइसेंस फीस वसूली जा सके। उन्होंने बताया कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में व्यापारियों ने यह फीस जमा करवाई जिस कारण यह राशि एक करोड़ 8 लाख से भी पार कर गई।
Thousands Of Businesses Are Stealing The Corporations License Fees Cheating Of Crores Notice Issued Now