September 16, 2026 09:14:50
सावधान---एसईएल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में पब्लिक के डूबे करोड़ों रुपए, बैंक करप्ट होने के बाद हुई सेट

सावधान---एसईएल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में पब्लिक के डूबे करोड़ों रुपए, बैंक करप्ट होने के बाद हुई सेटलमेंट से 35 पैसे का शेयर पहुंचा ₹1881 के लाइफ टाइम हाई पर, इन्वेस्टमेंट से पहले जानें पूरी सच्चा

शेयर की तेजी का केवल नए प्रमोटर और कंपनी से जुड़े बैंकों को फायदा, पब्लिक शेयर होल्डिंग मात्र 0.69 फी

मात्र एक महीने में कंपनी का शेयर प्राइस हुआ 3 गुना बढ़ा

Apr27,2022 | Yashpal Sharma | Ludhiana

जहां रुस व यूक्रेन वॉर के चलते शेयर बाजार में बडे़ उतार चढ़ाव का माहौल जारी है, लेकिन इसके बावजूद लुधियाना की एक इंडस्ट्री जो की दिवालिया करार होने के बाद हाल ही में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के जरिए पास किए रेज्यूलेशन के बाद फिर से चमकते सितारे की तरह शेयर बाजार में धमाल मचा रहा है। आप को ये जानकर हैरानी होगी कि 27 अक्टूबर 2021 को महज 35 पैसे का ये शेयर आज 1881 रुपए के पास पहुंच गया है और अभी भी इसकी तेजी थमी नहीं है। योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से विवादों में घिरी रुचि सोया कंपनी खरीदे जाने के बाद इस कंपनी का शेयर भी 3 रुपए से एकाएक बढ़कर 1500 रुपए के पार चला गया था, ठीक उसी तरह करीब 1200 करोड़ रुपए बैकों की देनदारी सहित कईं अन्य विवादों में घिरी एसईएल मेन्यूफैक्चरिंग कंपनी आज कल शेयर बाजार में धमाल मचा रही है। बाजार में जिस तरह एसईएल कंपनी का शेयर पिछले करीब सात महीने से रोजाना 5 फीसदी का सर्किट लगा 1881 पर पहुंच गया है। हैरानी वाली बात यह है कि पिछले 1 महीने में इस कंपनी का शेयर लगभग 3 गुना तेज हो गया है। अगर आप भी शेयर बाजार में अपनी गाढ़ी कमाई लगाते हैं तो ऐसे शेयर की स्टड़ी करना बेहद जरुरी हैं कि कहीं ऐसा न हो इनकी तेजी आपकी पूरी कमाई का सूपड़ा साफ कर दे। ई न्यूज पंजाब की ओर से इसके पीछे का सच जानने का प्रयास किया गया तो पता चला कि इस कंपनी के अंदरखाते बहुत कुछ चल रहा है और किस तरह से कंपनी के नए खरीददार इस शेयर को अब तक आल टाइम हाई पर ले गए हैं। पब्लिक शेयर होल्डिंग 0.69 फीसदी है और कंपनी के पुराने प्रमोटर्स के पास भी मात्र 0.16 फीसदी हिस्सा है। इस समय कंपनी में अहम हिस्सा फाइनांसशियल क्रेडिटर्स ( 24 फीसदी) और रेज्यूलेशन एप्लिकेंट (75 फीसदी) का है। यानि इस समय शेयर में जो नाममात्र की ट्रेडिंग हो रही है, उसका फायदा केवल फाइनांसशियल क्रेडिटर्स ( 24 फीसदी) और रेज्यूलेशन एप्लिकेंट को ही मिलेगा। ----------- कंपनी डूबने के साथ आम पब्लिक को लगी करोड़ों की चपत बात करें एसईएल कंपनी पर पड़ी करोड़ों रुपए की देनदारी को एनसीएलटी की ओर से भले अपने आर्डर तारीख 10 फरवरी 2021 के जरिए निपटा दिया गया है, लेकिन शेयर बाजार में अपनी गाढ़ी कमाई काे शेयर बाजार में इंवेस्ट करने वाली आम पब्लिक को इस पूरे गोलमाल में करोड़ों रुपए की चपत लग गई और अब उनकी कहीं सुनवाई तक नहीं हो रही है। शेयर बाजार में उतरने वाली आम पब्लिक एक विश्वास व बहुत कम लोग कंपनी की बैलेंस शीट देखकर किसी शेयर में इंवेस्ट करते हैं। उनकी इस इंवेस्टमेंट के पीछे केवल एक ही लक्ष्य होता है कि कल भविष्य में उनकी ये इंवेस्टमेंट दोगुनी तिगुनी हो जाएगी। लेकिन अगर ये कंपनी एसईएल मेन्यूफैक्चरिंग जैसी निकल जाए जहां लाखों रुपए की इंवेस्टमेंट उन्हें कंगाल कर देती है। हां ऐसा ही कुछ एसईएल कंपनी में इंवेस्टमेंट करने वाली आम पब्लिक के साथ हुआ है। एनसीएलटी की ओर से पास किए गए नोटिस में जिनके पास एसईएल के हजार शेयर थे, उसे अब नई बनी कंपनी का एक शेयर दिया जाना है। यानि जिनके पास कंपनी के 999 से कम शेयर थे, उनके पूरे पैसे डूब गए। ऐसे देश भर में हजारों लाखों लोग होंगे। क्यों कि पूरे देश में इस कंपनी के करीब 22 करोड़ शेयर आम पब्लिक के पास थे। लुधियाना की ये गारमेंट मेन्यूफैक्चरिंग कंपनी ऐसी हैं, जो रुचि सोया से आगे निकली। बात करें शेयर बाजार की तो बीते कुछ महीने में रुचि सोया कंपनी का नाम बेहद उछल कर सामने आया था बड़े बड़े कर्ज में डूबी इस कंपनी को अंदर खाते योग गुरु बाबा रामदेव की ओर से खरीद कर पूरे केस को सेटल कर लिया गया था जिसके बाद यह कंपनी का शेयर भी ₹3 से अप्पर सर्किट लगाता 1500 को पार कर गया था। लेकिन एसईएल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने तो रुचि सोया को भी पीछे छोड़ दिया है और इस कंपनी के नए बोर्ड मेंबर्स और शेयर बाजार की सेटिंग का पेच अब सबके दिमाग में भी घूमने लगा है। ई न्यूज पंजाब इस खबर के जरिए किसी भी तरह की सेटिंग का दावा नहीं करता, लेकिन जिस तरह से एसईएल कंपनी में पब्लिक की शेयरहोल्डिंग को कम करके आम पब्लिक की गाढ़ी कमाई को लगे झटके की सच्चाई को जरूर पब्लिक के सामने लाने की प्रयास में है। -------------- बात करें कंपनी के दिवालिया होने के पहले की शेयर होल्डिंग पैटर्न की तो इसमें पब्लिक की बड़ी मात्रा में होल्डिंग थी। तब इसमें 54 हजार के करीब पब्लिक के पास 22.94 करोड़ शेयर थे और कंपनी के सात प्रमोटर के पास मात्र 5.22 करोड़ शेयर थे। लेकिन वहीं अब इस कंपनी के दोबारा से खडे़ होने पर इसमें पब्लिक की शेयर होल्डिंग केवल 81.81 लाख शेयर है और जबकि छह प्रमोटर्स के पास करीब 2.49 करोड़ शेयर हैं। मतलब साफ है कि नए बोर्ड की ओर से कंपनी की इक्विटी को बहुत छोटा कर दिया गया है। अगर ऐसे में कंपनी का शेयर तेजी पकड़ता है उसका सीधा फायदा इस कंपनी के नए खरीदार या कहे नए प्रमोटर और उन बैंकों को होगा जिनके पास बड़ी मात्रा में इस कंपनी के शेयर हैं। आम पब्लिक को इस कंपनी में आई बड़ी तेजी की खबरों के जरिए भ्रमक किया जा रहा है कि इस शहर में बड़ी तेजी है, लेकिन असलियत यह है कि इसका बहुत ही छोटा हिस्सा आम पब्लिक के पास है। यह शेयर रोजाना 5 परसेंट अप्पर सर्किट के साथ खुलता है और इसके साथ बंद होता है। शेयर को अपर सर्किट लगाने के लिए थोड़ी बहुत (1000 शेयर से भी कम) खरीदारी कंपनी के ही प्रमोटर्स की ओर से की जाती है। ----------- बात करें कंपनी के प्रमोटर्स की तो इनमें नीरज सलूजा, धीरज सलूजा, राम शरण सलूजा, रीमा सलूजा,नीतू सलूजा व स्नेहा लता के नाम शामिल हैं। दिवालिया होने के बाद दोबारा से बनी इस कंपनी में अब आठ बोर्ड आफ डायरेक्टर नियुक्त किए गए हैं। जिनमें राजीव भल्ला, दिनेश कुमार मेहतानी,शासांक राय,नवीन अरोड़ा, सुशील कुमार, राजीव कुमार महेश्वरी, निधि अग्रवाल, विशाल शर्त ओरी के नाम शामिल हैं। इनमें नवीन अरोड़ा आल टाइम डायरेक्टर रखे गए हैं। -------- सेबी को ऐसी कंपनियों पर निगाह रखनी चाहिए, जिनमें जनता की गाढी कमाई का बड़ा हिस्सा लगा रहता है। लेकिन कंपनी के डूबने के साथ उनका भी पूरा पैसा डूब जाता है ।अगर बैंक करप्ट होने के बाद कंपनी का शेयर फिर दोबारा से तेजी पकड़ता है,तो इसका फायदा इस कंपनी में गाढी कमाई डुबोने वाली आम पब्लिक को भी मिलना चाहिए। सुमित मंगला, एक्सपर्ट शेयर बाजार। --------- लुधियाना स्टॉक एक्सचेंज सोसायटी से जुड़े एक पदाधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि कि किसी भी कंपनी के डूबने पर आम पब्लिक के साथ-साथ बैंकों को बड़ा नुकसान होता है, लेकिन आम पब्लिक जिस विश्वास के साथ शेयर बाजार में पैसे इन्वेस्ट करती है। उसका ध्यान रखा जाना बहुत जरूरी है और ऐसी कंपनियां जो बैंक करप्ट होने के बाद दोबारा से बड़े बूम के साथ शेयर बाजार में तेजी पकड़ती हैं , उन पर सेबी की निगाह अवश्य रहनी चाहिए क्योंकि ऐसी कंपनियों में लोग पहले ही बहुत सा पैसा डूबा चुके होते हैं और दोबारा से इस तेजी में उन्हें कोई नुकसान ना हो जाए, इसका ध्यान रखें जाना बहुत जरूरी है।

Public Sunk Crores Of Rupees In Sel Manufacturing Company



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