ई न्यूज पंजाब, लुधियाना त्यौहारी सीजन शुरु होने से पहले ही डाइंग इंडस्ट्री पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से गठित मानिटरिंग कमेटी की ओर से लाखों रुपए के जुर्मानें से पूरा डाइंग उद्योग बुरी तरह से सहम गया है। जहां पहले एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी ने कुछ इंडस्ट्री में खुद विजिट कर उन पर जुर्मानें लगाए थे, वहीं इसके बाद पीपीसीबी और उसके साथ थर्ड पार्टी (प्राइवेट सैंपल जांच एजेंसी) की ओर से डाइंग इंडस्ट्री पर छापमारी कर कारोबारियों की दिक्कतों को खूब बढ़ा दिया है। बताया जाता है कि अभी तक 50 के करीब डाइंग इंडस्ट्री से ये सैंपल भरे जा चुके हैं। ऐसे में एक बात साफ है कि डाइंग इंडस्ट्री पर खतरा अभी टला नहीं है और अगले दिनों में कुछ ओर इंडस्ट्री को जुर्माने या फिर क्लाेजर की मार झेलनी पड़ सकती है। इन हालातों में लुधियाना की डाइंग इंडस्ट्री इतने मोटे खर्चों में दूसरें राज्यों के डाइंग इंडस्ट्री की प्राइस वार के मुकाबले कंपीटिशन नहीं कर पाएगी। जहां एक ओर डाइंग इंडस्ट्री अपने बलबूते पर एफयूलेंट ट्रीटमेंट लगाने की जहदोजहद में जुटे हैं, वहीं अब डाइंग इंडस्ट्री पर शुरु हुआ मोटे जुर्मानों के दौर पूरी तरह से इस कारोबार की तालाबंदी कर देगा। गौर हो कि बीते सप्ताह एनजीटी की मानिटरिंग कमेटी ने फोकल प्वाइंट की दो डाइंग इंडस्ट्री पर छापामारी की थी और इस छापामारी में उक्त इंडस्ट्री में कुछ कमियां पाई गई थी। जिसके बाद मानिटरिंग कमेटी ने इंवारयमेंट कंपनसेशन के नाम पर इन दोनों इंडस्ट्री पर 30 लाख और 20 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया था। बताया जाता है कि पीपीसीबी की ओर से थर्ड पार्टी एजेंसी के साथ मिलकर एक एक डाइंग इंडस्ट्री की जांच करवाई जानी है। जहां बोर्ड में फीस देकर पहले सैंपल को दुरुस्त करवाना इंडस्ट्री के लिए कोई बड़ी बात नहीं था, लेकिन अब प्राइवेट कंंपनियों से इंडस्ट्री से लिए जाने वाले सैंपल को पास करवाना अभी तक असंभव बना हुआ है। जिसके चलते त्यौहारी सीजन से पहले कारोबारियों की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। हालांकि शहर के तीन हिस्सों में इंडस्ट्री की ओर से लगाए जा रहे सीईटीपी के चालू होने से पहले इस तरह की पूरी डाइंग इंडस्ट्री के मनोबल को तोड़ सकती है। ----- इंवायरमेंट कंपनसेशन काे लेकर भी उठ रहे कईं तरह के सवाल बात करें इंवायरमेंट कंपनसेशन की तो इस पर लगातार कारोबारियों व आम शहरी का विरोध व सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि दिल्ली की एक इंडस्ट्री पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने इंवायरमेंट कंपनसेशन के नाम पर करीब साढे़ करोड़ का जुर्माना ठोक दिया था। जिसके बाद ये इंडस्ट्री दिल्ली हाईकोर्ट चली गई थी। जानकारी मुताबिक अभी तक कोर्ट से इंवायरमेंट कंपनसेशन की स्थिति साफ नहीं हुई है, लेकिन इसके बावजूद इंडस्ट्री पर जांच के बाद ये जुर्माना ठोका जा रहा है। वहीं इसके साथ साथ इंवायरमेंट कंपनसेशन का पंजाब सरकार व पीपीसीबी से भी कोई लेना देना नहीं है। ये जुर्माना राशि सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड को जानी है। ऐसे में इंडस्ट्री से एकत्र होने वाले इस पैसे से पंजाब सरकार टूटी सड़कें, बदहाल सीवरेज प्रणाली को तो ठीक करवा ही सकती थी और साथ साथ इस पैसे को शहर के पर्यावरण सुधार पर भी लगाया जा सकता था।
Ppcb raid dying industries