ई न्यूज पंजाब डेस्क, लुधियाना एपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा सोमवार देर शाम यहां आयोजित एक संवाद बैठक के दौरान लगभग दो घंटे तक स्थानीय उद्योग की शिकायतों, लंबे समय से लंबित मुद्दों और सुझावों को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद, संजीव अरोड़ा, सांसद ( राज्य सभा) ने राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष उनके मुद्दों को उठाने का आश्वासन दिया है। अरोड़ा ने संसद के आगामी मानसून सत्र में कुछ मुद्दों को उठाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगपतियों द्वारा बैठक में कई मुद्दों को उनके संज्ञान में लाया गया है, जिसमें से कई मुद्दों से वह अनभिज्ञ थे। उन्होंने उद्योगपतियों को उनकी वास्तविक समस्याओं से अवगत कराने के लिए धन्यवाद दिया। मुद्दे राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों से संबंधित थे, इसलिए उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि वे इन सभी मुद्दों को अलग-अलग लिखित रूप में प्रस्तुत करें ताकि वह उन्हें उचित स्तर पर उन्हें उठा सकें। इंफ्रास्ट्रक्चर, एंटी-डंपिंग ड्यूटी, भारत और चीन के स्टील की कीमतों में भिन्नता, ट्रकों के उद्योग के लिए ड्राइवरों की कमी, बिजली शुल्क, बिजली चोरी, पानी और सीवरेज, ट्रैफिक की समस्या, टेक्सटाइल पार्क, वैट नोटिस, ओटीएस स्कीम, बेहतर रेल, सड़क और हवाई संपर्क और कई अन्य मुद्दों को अरोड़ा के समक्ष उठाया गया। अरोड़ा ने आश्वासन दिया कि वह हर समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि टैरिफ वृद्धि या पानी और सीवरेज शुल्क सहित किसी भी मुद्दे पर उद्योगपतियों के साथ कोई अन्याय या उत्पीड़न न हो। अरोड़ा से आग्रह किया गया कि कृषि नीति में कृषि यंत्रों को भी शामिल किया जाए और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाए। इससे राज्य के कृषि मशीनरी निर्माण उद्योग को फलने-फूलने में मदद मिलेगी। कौशल विकास पर जोर देने की भी मांग की गई क्योंकि स्थानीय उद्योगों में कुशल कार्यबल की भारी कमी है। अरोड़ा को अवगत कराया गया कि पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने बिजली दरों में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह आशंका जताई गई कि उद्योग को यह भुगतान रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव से करना होगा। यह भी बताया गया कि पावरकॉम ने बिलेट हीटरों को बिजली गहन इकाइयों की श्रेणी में रखकर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि बिलेट हीटर प्रदूषण को रोकने में मदद करते हैं। मिक्स लैंड यूज एरिया में उद्योग के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर भी प्रकाश डाला गया। उद्योग ने अरोड़ा से इस मुद्दे का एक स्थायी समाधान खोजने का आग्रह किया क्योंकि हजारों इकाइयां बंद हो जाएंगी यदि उन्हें वर्तमान संबंधित स्थानों से स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया गया। फोकल प्वाइंट क्षेत्रों में स्थानीय बस सेवा शुरू करने की भी मांग की गई ताकि मजदूरों का आसानी से आना-जाना हो सके। इसके अलावा, यह बताया गया कि राज्य कर विभाग ने वैट असेसमेंट नोटिस भेजकर 8000 व्यवसायियों को परेशानी में डाल दिया है। मांग की गई कि इस मुद्दे को एक बार में हल करने के लिए ओटीएस स्कीम लाई जाए। अरोड़ा को यह भी बताया गया कि भारत में स्टील चीन की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक महंगा है। इसके कारण इंजीनियरिंग उद्योग के लिए वैश्विक बाजार स्पर्धा करना बहुत मुश्किल है। यह भी मांग की गई कि उद्योग जगत के व्यापक हित में दिल्ली से शताब्दी की वापसी का समय शाम साढ़े सात बजे तय किया जाए। आगे बताया गया कि धरनों और प्रदर्शनों के कारण प्रदेश के उद्योग जगत को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सुझाव दिया गया कि धरने या विरोध प्रदर्शन के लिए एक निश्चित जगह होनी चाहिए। अरोड़ा ने उनके सामने उठाए कई मुद्दों का जवाब दिया। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह नियंत्रण में है और उद्योग को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हर चीज पर रोजाना नजर रखी जा रही है। इस मौके पर अरोड़ा को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। एपेक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रजनीश आहूजा, संयोजक राहुल आहूजा, महासचिव जसविंदर सिंह बिरदी और प्रमुख उद्योगपति, ओंकार सिंह पाहवा, उपकार सिंह आहूजा, अवतार सिंह भोगल, गुरमीत सिंह कुलार, अजीत लकड़ा, संदीप जैन, पंकज शर्मा चरणजीत सिंह विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
Mp Arora Assures To Take Up Industry Issues With Punjab And Central Govt