ई न्यूज पंजाब, लुधियाना भारत सरकार की ओर से 15 देशों के साथ क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) के तहत किए जाने वाले समझौते केके विरोध में, पंजाब के विभिन्न व्यापार और उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार के पुतले जलाने का फैसला किया। इस संबंधी एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं के प्रमुख नेताओं बदीश जिंदल, नरिंदर भमरा, राजकुमार सिंगला, चरणजी विशिवकर्मा, गुरशरण सिंह, अवतार भोगल, जसविंदर बिरदी, कुलवंत सिंह एनकेएच, हरीश सिंगला, प्रदीप वधावन, कपिल जोशी, कुलदीप सिंह हाईटेक, मुनीश सचदेवा, इकबाल सिंह कथूरिया, रमन अग्रवाल ने कहा कि आरसीईपी भारत, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम सहित 16 देशों का एक समूह है। इससे भारत के बाजारों को चीनी उत्पादों से भर दिया जाएगा, क्योंकि समझौते से कस्टम ड्यूटी फ्री वस्तुओं की आपूर्ति की अनुमति मिलती है, तो यह भारत और अन्य देशों में उत्पादित 80 फीसद से अधिक वस्तुओं को कवर करता है। औद्योगिक नेताओं ने कहा कि 16 देशों में से भारत में 12 देशों के साथ व्यापार घाटा है और सबसे बड़ा चीन के साथ लगभग 4 लाख करोड़ है। यदि इस समझौते ने भारत को लागू किया तो दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार आरसीईपी के सभी देशों के लिए खुला रहेगा। इस समझौते के कारण भारत का उद्योग गहरी मुसीबत में होगा। पहले से ही उद्योग भारत में भारी मंदी के कारण बंद होने के कगार पर है। इस समय आरसीईपी समझौते पर हस्ताक्षर करना उद्योग के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है। इसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए पंजाब के कई व्यापारिक और उद्योग संगठन संयुक्त रूप से 19 अक्टूबर, शनिवार को दोपहर 12 बजे न्यू साइकिल मार्केट, मिलर गंज, लुधियाना में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
RCEP opposed by ludhiana industries