यशपाल शर्मा, लुधियाना पंजाब डायर्स एसोसिएशन से जुडे़ डाइंग कारोबारियों के लिए बड़ी खबर वीरवार शाम को निकलकर सामने आई है। लंबे समय से केंद्र की मिनिस्ट्री आफ इंवायरमेंट, फोरेस्ट एंड क्लाइमेंट चेंज के पास अटका 50 एमएलडी कॉमन एफयूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट के लिए सब्सिड़ी जारी करने की प्रपोजल को हरी झंड़ी दे दी गई है। जिससे उक्त सीईटीपी को 15 करोड़ रुपए की केंद्र से सब्सिड़ी मिलना तय हो गया है। पंजाब डायर्स एसोसिएशन के महासचिव बॉवी जिंदल ने कहा कि तीन साल लंबी चली कानूनी लड़ाई हम जीत गए और अब मार्च 2020 तक ताजपुर रोड सीईटीपी चालू हो जाएगा। गौर हो कि 50 एमएलड़ी क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट की कुल खर्च 55.52 करोड़ रुपए है और इस प्लांट पर अभी तक कारोबारी अपनी जेब से करीब 25 करोड़ रुपए खर्च चुके हैं। पंजाब सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए 7.5 करोड़ रुपए की सब्सिड़ी जारी तो की हुई है, लेकिन केद्र की सब्सिड़ी के अधर में लटकने से ये राशि भी खातों में ही पड़ी रह गई थी। पीडीए के साथ इस प्रोजेक्ट में 100 डाइंगें ताजपुर रोड की और 22 डाइंगें राहों रोड़ की बतौर मेंबर साथ जुड़ी हुई हैं। तीन साल से लड़ी जा रही थी केंद्र से कानूनी लड़ाई पंजाब डायर्स एसोसिएशन को केंद्र की मिनिस्ट्री आफ इंवायरमेंट, फोरेस्ट एंड क्लाइमेंट चेंज डिपार्टमेंट से सब्सिड़ी हासिल करने को करीब तीन साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। पहले इस प्रोजेक्ट की प्रपोजल लंबे समय तक उक्त डिपार्टमेंट के पास पेंडिंग पड़ी रही और करीब छह महीने बाद उक्त डिपार्टमेंट ने पीडीए को पत्र जारी कर ये कह दिया कि जिस स्कीम तहत उनका आवेदन था, वो बंद हो चुकी है। इसके बाद पीडीए ने एनजीटी में जाकर उकत डिपार्टमेंट के खिलाफ केस लगाया। जिसमें फैसला पीडीए के हक में आया और उक्त डिपार्टमेंट को पीडीए का केस मंजूर कर सब्सिड़ी जारी करने के लिए कह दिया गया। लेकिन इसके बाद भी करीब एक साल बाद अब जाकर ये मंजूरी पीडीए के हाथ लग पाई है। -- ये पीडीए के सभी मैंबर्स के लिए बड़ी खुशखबरी की बात है। मैं इसके लिए अपने सभी मैंबर्स का धन्यावादी भी हूं, जिन्होंने हमारा साथ नहीं छोड़ा और धैर्या बनाए रखा। कारोबारी अपनी जेब से बड़ी राशि खर्च कर चुके हैं। लेकिन अब हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि ये प्रोजेक्ट मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा। बावी जिंदल, महासचिव पीडीए
MOEF approved 15 cr subsidy for tajpur road CETP