ई न्यूज पंजाब, लुधियाना डायरेक्टोरेट जरनल आफ जीएसटी इंटेलिजेंस के लुधियाना जोनल यूनिट ने मंडी गोबिंदगढ़ निवासी नरेश कुमार को बिना फाइनांसशियल लेनदेन के लिए करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग करने के मामले में गिरफतार किया है। बताया जाता है कि नरेश कुमार एमएस स्क्रैप के बिना वास्तवित माल लिए बिना लाखों रुपए के बिल रोजाना काट देता था और इसके एवज में डिपार्टमेंट से इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए करोड़ों रुपए का रिफंड डकार गया। ये गिरफतारी करीब एक महीने पहले एडिशनल डायरेक्ट जरनल गुरुशरण सिंह के आदेशों पर की गई थी। करीब एक महीने पहले पहले DGGI और DRI द्वारा संयुक्त रूप से देश भर में विभिन्न राज्यों में छापामारी की थी। जिसमें एक फर्म मेसर्स बलजा इंटरनेशनल, लुधियाना, रेडीमेड गारमेंट्स के एक एक्सपोर्टर ने आईजीएसटी रिफंड का दावा किया गया था। जिसमें से बोगस सप्लाई दिखा रही थी। मेसर्स श्री गणेश कॉर्पोरेशन, मंडी गोबिंदगढ़ सहित कुछ आपूर्तिकर्ता जो नरेश कुमार की प्रोपराइटरशिप फर्म है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि नरेश कुमार ने बिना किसी सामान की आपूर्ति के करीब 49.33 करोड़ रुपए की सेल दिखाई और इसके एवज में करीब 8.11 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रडिट डकार गया। जबकि नरेश कुमार के बैंक खाते में केवल 10 लाख रुपये का लेनदेन ही पाया गया। आरोपी को 17.10.2019 को गिरफ्तार किया गया और उसे न्यायिक रिमांड की मांग के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। इस मामले की जांच में जुटा डीजीजीआई आने वाले कुछ दिनों में कुछ अन्य संस्थानों में भी पहुंच जांच कर सकता है। जिन्होंने निर्यातकों / निर्माताओं को समान फर्जी बिलिंग और फर्जी आईटीसी के जरिए इधर से उधर किया है।
Bogus billing kingpin arrest from Mandi Gobindgarh