ई न्यूज पंजाब, लुधियाना सराभा नगर निवासी व कालोनाइजर रजनीश ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल को मिलकर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जाहिर की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर समक्ष पेश होकर बताया कि उन पर कुछ लोग हमला भी कर सकते हैं। ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर को दी अपनी शिकायत में बताया कि कुछ लोकल लोगों की मिलीभुगत से उन पर यूपी स्थित रामपुर जिले के बिलासपुर थाने में झूठा पुलिस केस दर्ज करवा उन्हें यहां से दस अक्टूबर को किडनैप स्टाइल में जबरन रास्ते से उठाकर ले गए और जिला पुलिस तक को इसकी सूचना नहीं दी गई। हालांकि बाद में 11 अक्टूबर को जब उनका परिवार व वकील बिलासपुर थाने पहुंच गए और सारे दस्तावेज पुलिस को दिखाए तो दूसरी पार्टी के समक्ष एक राजनीमा लिखवाकर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस को दी शिकायत संबंधी जब ठाकुर से जाना गया तो उन्होंने बताया कि उनका मुंबई की गिव रियाल्टी प्राइवेट लिमिटेड और दलीप.वी लेखी के साथ साल 2012-13 से विवाद चला आ रहा है और इस मामले में मेरा कोर्ट में केस चल रहा है, जिसका नतीजा अभी पेंडिंग है। अब बिलासपुर थाना यूपी पुलिस ने मंजीत सिंह सपुत्र रछपाल सिंह, बलबीर सिंह सपुत्र करनैल सिंह, तनवीर सिंह सपुत्र अमरीक सिंह और हरपाल सिंह सपुत्र कामेंद्र सिंह की शिकायत पर मेरे खिलाफ कुछ चैकों के जरिए फ्राड करने संबंधी 9 अक्टूबर को धारा 420, 406 और 504 के तहत एफआईआर दर्ज कर दी गई और 10 अक्टूबर को मेरे को यूपी पुलिस अपने साथ रास्ते से उठाकर ले गई। ये केस उन्हीं चैक नंबर को आधार बनाकर मेरे खिलाफ दर्ज किया गया जो मैने मुंबई को गिव रियाल्टी कंपनी को 2012 से 2015 के अंतराल में दिए थे। जिन लोेगों ने मेरे पर एफआईआर दर्ज करवाई, उन्हें न पहले कभी मैं मिला और न उनसे मेरा किसी तरह का लेन देन चलता है। इतना ही नहीं जिस बैंक के चैक मैनें गिव रियाल्टी व दिलीप वी लेखी को दिए थे, वो बैंक अकाउंट भी मैं बंद करवा चुका हूं। ऐसे में सभी झूठे तथ्यों के आधार पर पुलिस को गुमराह कर ये एफआईआर दर्ज करवा दी गई। जब मेरे वकील ने कोर्ट में चल रहे केस व इन चैको का पूरा ब्यौरा दिया तो पुलिस एसएचओ को भी पूरा माजरा समझ में आ गया। जिसके चलते मुझे राजीनामा कर तुरंत छोड़ दिया गया। ठाकुर ने कहा कि अब मुझे लगने लगा है कि मेरी प्रॉपर्टी को हड़पने के लिए कुछ लोग मुझ पर हमला भी करवा सकते हैं और ऐसे में मेरी जान सुरक्षित नहीं है। ठाकुर ने बताया कि मैंने पुलिस कमिश्नर से उक्त मामले में किसी सीनियर आईपीएस अफसर से जांच करवा उन पर कार्रवाई करने की मांग रखी है।
Colonizer said to police commissioner my life is in danger