-लुधियाना में एसईएल कंपनी और शराब किंग बजाज एंड कंपनी सीबीआई की रेड में फंसी, गुरदासपुर में जीआर एग्रो नाम की कंपनी पर दबिश ई न्यूज पंजाब, लुधियाना बैंकों में धोखाधड़ी के खिलाफ बड़े पैमाने पर सीबीआई की ओर से देशभर में करीब 187 जगहों पर आज सर्च अभियान शुरु किया गया है। ये सर्च अभियान आज आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड जैसे अहम राज्यों के गुड़गांव, लुधियाना, देहरादून, नोएडा, बारामती, मुंबई, ठाणे, सिलवासा, कल्याण, अमृतसर, फरीदाबाद, बेंगलुरु, तिरुपुर, चेन्नई, मदुरै, क्विलॉन, कोचीन, भावनगर, सूरत, अहमदाबाद, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी, चंदौली, भटिंडा, गुरदासपुर, मुरैना, कोलकाता, पटना, कृष्णा, हैदराबाद और भोपाल जैसें शहरों में स्थित कंपनियों में जारी है। गौर हो कि इनमें पंजाब के लुधियाना सहित अमृतसर, भटिंडा व गुरदासपुर की विभिन्न कंपनियों में भी ये छापामारी चल रही है। जिसमें लुधियाना में एसईएल ग्रुप व शराब किंग बजाज एंड कपनी शामिल है। वहीं गुरदासपुर में ये रैड जीआर एग्रो नाम की कंपनी पर हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक बजाज एंड कंपनी पर ब्याज सहित करीब 80 से 90 करोड़ रुपए का फ्रॉड कैनरा बैंक के साथ करने की जानकारी है। वहीं एसईएल मेन्यूफैक्चरिंग कंपनी लिमिटेड का देना बैंक के साथ करीब 115 से 125 करोड़ रुपए के फ्रॉड का हिसाब किताब बताया जा रहा है। जानकारी मुताबिक बजाज एंड कंपनी के मालिक चन्नी बजाज सेहत बिगड़ने के चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं और सीबीआई की पूरी जांच पड़ताल उनके बेटे लवतार बजाज के साथ की गई है। जबकि एसईएल कंपनी में भी नीरज सलूजा की न होने की सूचना बताई जा रही है। सीबीआई ने 7200 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी से संबंधित लगभग 42 मामले दर्ज किए हैं। ये बैंक फ्रॉड आंध्र बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, इंडियन ओवरसीज बैंक, एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, केनरा बैंक, देना बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित है। इन 42 मामलों में बैंक फ्रॉड के 4 मामले लगभग 1000 करोड़ रुपए से अधिक के हैं और 11 मामले 100 करोड़ से लेकर लगभग 1000 करोड़ रुपए के बीच के हैं। केस-1 बैंक के फ्रॉड के बडे़ मामलों में मलाड (पूर्व) मुंबई / भोपाल स्थित निजी कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके 5 डायरेक्टर, एडिशनल डायरेक्टरों, गरंटर्स और सरकारी कर्मचारियों पर आरोप है कि अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी में एग्रो कमोडिटीज के थोक व्यापार में लगे हुए हैं। जिन्होंने धोखाधड़ी से क्रेडिट सुविधाओं का लाभ उठाया है और एसबीआई भोपाल से 6000 करोड़ (लगभग) क्रेडिट सहूलियत ले रखी थी। ये कंपनी खातों के फर्जीवाड़े और दस्तावेजों की जालसाजी का सहारा लेकर जैसे कि जाली बिल के सहारे झूठे तरीके से माल की आवाजाही इत्यादि करते थे। जिससे भोपाल स्थित एसबीआई बैंक के साथ 1266.63 करोड़ का गबन कर डाला। केस-2 नेहरू प्लेस, नई दिल्ली में स्थित दो निजी कंपनियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। ये एफआईआर उक्त कंपनी के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, निदेशक और अज्ञात बैंक आफिसर व प्राइवेट व्यक्तियों पर दर्ज की गई है। यह आरोप लगाया गया था कि इंजीनियरिंग खरीद और निर्माण में लगी उक्त दिल्ली स्थित कंपनी के निदेशकों और गारंटर्स ने अज्ञात बैंक अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर धोखाधड़ी करके 1 290 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाओं का लाभ उठाया। खातों के जालसाजी और दस्तावेजों की जालसाजी का सहारा लेकर एसबीआई, नई दिल्ली को करीब 1100.73 करोड़ (लगभग) का गबन कर डाला। केस-3 एक अन्य मामले में चेन्नई स्थित निजी कंपनी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। इसके प्रमोटर, अन्य कंसोर्टियम के सदस्य बैंकों की ओर से IDBI Bank Ltd. की शिकायत पर चीफ अकाउंट आफिसर और अज्ञात बैंक आफिसर/ अज्ञात अन्य सहित प्रबंध निदेशक और 7 अन्य पदाधिकारियों ने इलाहाबाद बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सिंडिकेट बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, देना बैंक (अब बैंक ऑफ बड़ौदा), बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, यूको बैंक और केनरा बैंक का नुकसान बैंकों का कुल मिला करीब1083.14 करोड़ (लगभग) डकार गए। उक्त प्राइवेट कंपनी पर आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने एक-दूसरे के साथ साजिश रची है और आईडीबीआई बैंक और अन्य कंसोर्टियम के सदस्य बैंकों को ऋण सुविधाओं के लाभ उठाने और उपयोग करने के मामले में धोखा दिया है। साजिश के अनुसरण में कंपनी ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर फर्जी प्रविष्टियां करके उनके खातों की स्टेटमेंट में हेरफेर किया है। केस-4 फ्रॉड के चाैथे मामले में वाराणसी स्थित निजी कंपनी के प्रेसीडेंट और डायरेक्टर्स और बैंक आफिसर्स के खिलाफ बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी और बेईमानी से लाभ उठाने / बैंक ऋण को मंजूरी देने के लिए गलत स्टॉक स्टेटमेंट और बैलेंस शीट जमा करने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। कंपनी ने कथित रूप से रुपये के बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ 518.44 करोड़ (लगभग) फ्रॉड किया है। इस रैड में सीबीआई उक्त कंपनियों से सभी दस्तावेज व कैश बरामदगी करने में जुटी हुई है। अधिकतर जगहों पर अभी सीबीआई की रेड जारी बताई जा रही है।
CBI raid on bank fraud cases