ई न्यूज पंजाब, लुधियाना फोकल प्वाइंट की इंडस्ट्री को छोटी छोटी खामियों के चलते किसी भी हालत में बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ साथ उन्होंने कहा कि कारोबारियों के हक में पीएसआईईसी के नियमों में भी बदलाव किए जाएंगे। ये बात फोकल प्वाइंट फेस पांच स्थित सीआईसीयू भवन में आयोजित एक मीटिंग दौरान पीएसआईईसी के चेयरमैन गुरप्रीत गोगी ने कारोबारियों को संबोधित करते कही। गोगी ने कहा कि किसी भी कारोबारी को कैंसिल किए जा रहे प्लॉटों में जल्द राहत देने की बात कही है और साथ ही फोकल प्वाइंट के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सुधारने की बात कही। ये मीटिंग सीआईसीयू के प्रधान उपकार सिंह आहूजा व महासचिव पंकज शर्मा की अगुवाई में आयोजित की गई थी। इस शिकायत निवारण कैंप में प्लॉट अलाटमेंट, मोडगेज, ट्रांसफर, नियमों में बदलाव व प्लॉट धारकों के अन्य इश्यू को लेकर आयोजित की गई थी। इस कैंप में गुरप्रीत गोगी अपनी पूरी विभागीय टीम के साथ पहुंचे थे। जिसमें सीजीएम इस्टेट एसबी सिंह, मैनेजर इस्टेट अंकुर चौधरी व अन्य आफिसर मौजूद थे। मीटिंग में फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल शैड एसोसिएशन के प्रधान रजनीश आहूजा ने चैयरमेन गुरप्रीत गोगी के संबोधन सुन गोगी की तुलना सरदार पटेल के साथ करते कहा कि इंडस्ट्री के लिए उनमें ये जज्बा ठीक सरदार पटेल की ही तरह हैं। पटेल ने अपने समय में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कईं बेहतर काम किए थे। उन्होंने कहा कि अगर गोगी कारोबारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का हल करते हैं तो उन्हें सरदार पटेल आवार्ड से इंडस्ट्री सम्मानित करेगी। इस बैठक में प्रधान उपकार सिंह आहूजा ने प्लॉटों की अलाटमेंट रदद करने और इनकी बहाली जैसे मामलों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई ऐसे काराेबारी जो जो पिछले कई वर्षों से काम कर रहे हैं, वैट / जीएसटी नंबर, विभिन्न रिटर्न की नियमित फाइलिंग आदि के बावजूद उनके प्लॉट रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पीएसआईईसी को सीधे रद्द पत्र भेजने के बजाय चेतावनी पत्र जारी करना चाहिए। इस सीआईसीयू के महासचिव पंकज शर्मा ने कहा कि पीएसआईईसी को समय सीमा के भीतर नक्शा स्वीकृति के लिए एनओसी देनी चाहिए। उन्होंने फोकल पॉइंट प्लॉट धारकों को बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार अपनी नई इंडस्ट्री को स्थापित करने का सुझाव भी दिया।
A Grievance Redressal Camp was organized by CICU